19 फरवरी 2026। मुंबई में आयोजित Mumbai Climate Week 2026 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व और आर्थिक स्थिरता का सवाल है। उन्होंने साफ कहा कि विकास और पर्यावरण को आमने-सामने खड़ा करने का दौर खत्म होना चाहिए। असली प्रगति संतुलन से ही आएगी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जलवायु संकट से निपटने के लिए समयबद्ध और ठोस कदम जरूरी हैं और इसमें राज्यों की भूमिका निर्णायक है। उनका दावा था कि नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में मध्यप्रदेश तेजी से उभरकर लीडर की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश के लिए पूरी सुरक्षा और सहयोग देगी।
सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन से एमओयू
कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश शासन के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और Sequoia Climate Foundation के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसका मकसद राज्य में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को गति देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौती किसी एक देश या राज्य से हल नहीं होगी। इसके लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन घटाने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने पर बल दिया। साथ ही ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
24x7 बिजली और बैटरी स्टोरेज पर फोकस
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार 300 मेगावाट की 4 घंटे सौर-सह ऊर्जा स्टोरेज परियोजना और 300 मेगावाट की 6 घंटे सौर-सह परियोजना पर काम कर रही है। साथ ही 24x7 नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए बैटरी आधारित स्टोरेज सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। इसे देश की अपनी तरह की पहली पहल बताया गया।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य अपनी जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति कर रहा है।
ओंकारेश्वर और सांची बने मॉडल
मुख्यमंत्री ने बताया कि Omkareshwar Floating Solar Project विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं में शामिल है, जहां बिना विस्थापन के ऊर्जा उत्पादन शुरू हो चुका है।
वहीं Sanchi को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है। राज्य में शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।
ईवी नीति और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने ईवी नीति लागू की। राज्य सौर, पवन, बायोफ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दे रहा है। लक्ष्य स्पष्ट है, मध्यप्रदेश को देश का नवीकरणीय ऊर्जा हब बनाना।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्राथमिकता बताया और निवेशकों से राज्य में निवेश करने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने की सराहना
International Finance Corporation के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक इमाद एन. फखौरी ने कहा कि 24x7 नवीकरणीय ऊर्जा के लिए राज्य सरकार की निवेशक-अनुकूल नीति प्रभावशाली है।
सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन की भारत निदेशक सीमा पॉल ने कहा कि मध्यप्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा में नेतृत्व कर रहा है और फाउंडेशन राज्य के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को लेकर प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में देश-विदेश के पर्यावरण विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संदेश साफ था। मध्यप्रदेश ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और विकास को एक साथ लेकर आगे बढ़ना चाहता है। अब असली परीक्षा क्रियान्वयन की है।














