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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लिए गए मंत्री-परिषद के निर्णय

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 163

मंत्री-परिषद ने 6 हजार 940 करोड़ रुपये के निर्माण-विकास कार्यों की दी मंजूरी
शासकीय सेवकों-पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी
रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति

23 मार्च 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्री-परिषद की बैठक 23 मार्च को मंत्रालय में हुई। मंत्री-परिषद ने 6 हजार 940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों और उनकी निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। मंत्री-परिषद ने रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 82 करोड़ 39 लाख रुपये की स्वीकृति के अलावा शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की वृद्धि करते हुए 58 प्रतिशत के मान से महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है। मंत्री-परिषद ने अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति सहित अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

मंत्री-परिषद द्वारा राज्य शासन के सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 58 प्रतिशत के मान से मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया गया। छठवें वेतनमान के कार्मिकों एवं निगम-मंडल -उपक्रम के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर राज्य शासन में कार्यरत पांचवें एवं चौथे वेतनमान अंतर्गत कार्मिकों को समानुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ता में वृद्धि के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया। स्वीकृति अनुसार 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान छः समान किश्तों में किया जाएगा। पहली किश्त का भुगतान मई माह में, दूसरी किश्त का भुगतान माह जून में, तीसरी किश्त का भुगतान माह जुलाई में, चौथी किश्त का भुगतान माह अगस्त में, पांचवी किश्त का भुगतान माह सितंबर में और छठवीं किश्त का भुगतान माह अक्टूबर में किया जाएगा। 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में सेवानिवृत और मृत शासकीय सेवकों के संबंध में उन्हें अथवा नामांकित सदस्य को एरियर राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा। राज्य शासन के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से सातवें वेतनमान अंतर्गत 58 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 257 प्रतिशत पेंशन राहत स्वीकृत करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के 9 फरवरी 2026 के पत्र पर सहमति प्रदान की गई।

रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत
मंत्री-परिषद द्वारा रीवा जिले की महाना माईक्रो सिंचाई परियोजना की लागत 82 करोड़ 39 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना से कुल 4500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 18 ग्रामों के लगभग 950 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे। मंत्री-परिषद् द्वारा प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्ग के युवक-युवतियों को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों-पुलिस-होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 का संचालन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार प्रतिवर्ष अन्य पिछड़े वर्ग के 4000 युवाओं को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में पात्र पुरुष अभ्यर्थी को 1 हजार रुपये प्रति माह तथा महिला अभ्यर्थी को 1100 रुपये प्रति माह की दर से शिष्यवृत्ति भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश के 10 स्थानों पर स्थापित 40 केन्द्रों पर महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों को पृथक-पृथक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें न्यूनतम 35 प्रतिशत सीट महिला अभ्यर्थियों द्वारा भरी जाएगी। इसके अंतर्गत नि:शुल्क आवासीय एवं भोजन व्यवस्था तथा अध्ययन सामग्री प्रदान की जाएगी।

दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति
मंत्री-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक वर्ग-1 के समरूप प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्री-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र में पूरक पोषण आहार में की गई वृद्धि के अनुरूप, प्रदेश के समस्त संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में 6 माह से 6 वर्ष आयुवर्ग के अति कम वजन (SUW) के बच्चों के लिए पूर्व निर्धारित प्रतिदिन प्रति हितग्राही राशि 8 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

मंत्री-परिषद की इन कार्यों को मंजूरी
मंत्री-परिषद ने 6 हजार 940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार वाणिज्य कर विभाग अंतर्गत ग्रामीण आवास एवं परिवहन अधोसंरचना विकास के लिए 2 हजार 933 करोड़,वाणिज्यिक कर ट्रिब्यूनल और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 37 करोड़ रुपये, सूचना प्रौद्योगिकी और स्थापना व्यय अंतर्गत 162 करोड़ रुपये सहित 9 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत मंत्रालय भवन के निर्माण, विधानसभा एवं विधायक विश्राम गृह, नवीन विधायक विश्राम गृह के निर्माण के लिए 691 करोड़ रुपये, शासकीय आवास गृह, स्टेट गेस्ट हाउस और कार्यालय निर्माण के लिए 731 करोड़ रुपये, परियोजना क्रियान्वयन इकाई सम्बन्धित कार्य के लिए 565 करोड़ रुपये और राजधानी परियोजना का स्थापना व्यय के लिए 379 करोड़ रुपये सहित संबंधित 17 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 3 विभागीय योजनाओं अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास योजना, अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास संबंधी योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए वित्तीय राशि 102 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इन योजनाओं के लिए भी राशि स्वीकृत
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत लोक कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं स्मार्ट पीडीएस, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम, उज्जवला, प्रधानमंत्री गतिशक्ति, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए 865 करोड़ रुपये, विभागाध्यक्ष कार्यालय मप्र राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की योजना के लिए राशि 354 करोड़ 3 लाख रुपये, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण के लिए 3.90 करोड़ रुपये, नियंत्रक नापतोल कार्यालय के लिए 16 करोड़ 50 लाख रुपये और खाद्य आयोग के गठन के लिए 16 करोड़ रुपये सहित 22 विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन की स्वीकृति प्रदान की गई है।

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