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दावोस में एआई आधारित प्रोटीन नवाचार पर मध्यप्रदेश–शिरू संभावित सहयोग पर बातचीत

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 129

भोपाल | 19 जनवरी 2026 | 6:10 बजे

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान दावोस में मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने एआई आधारित प्रोटीन इनोवेशन में काम कर रही वैश्विक कंपनी शिरू (Shiru) की सीईओ और संस्थापक डॉ. जैस्मिन ह्यूम से मुलाकात की। बातचीत का फोकस उन्नत प्रोटीन तकनीक, कृषि-आधारित इनपुट्स और अनुप्रयुक्त अनुसंधान में संभावित साझेदारी पर रहा।

बैठक में शिरू के एआई-संचालित प्रोटीन खोज और डिजाइन प्लेटफॉर्म की जानकारी साझा की गई। यह प्लेटफॉर्म उद्योगों के लिए सीधे उपयोग योग्य, उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन अवयव विकसित करता है। कंपनी ने बताया कि उसके पोर्टफोलियो में करीब 77 प्रतिशत प्रोटीन प्राकृतिक स्रोतों से हैं और उसके पास तकनीक लाइसेंसिंग के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर स्केलेबल और पूंजी-कुशल उत्पादन मॉडल की मजबूत क्षमता है।

डॉ. जैस्मिन ह्यूम ने बताया कि शिरू के नवाचारों का उपयोग मुख्य रूप से खाद्य उद्योग में हो रहा है, जबकि कॉस्मेटिक्स और हेल्थ सेक्टर में भी इनके प्रयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। बैठक में कंपनी के साझेदारी-आधारित बिजनेस मॉडल और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी चर्चा हुई, जिसमें यूरोपीय संघ, कनाडा, लैटिन अमेरिका, एशिया (थाईलैंड सहित) और भारत जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं।

कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश को लेकर शिरू की रुचि
चर्चा के दौरान शिरू की सीईओ ने मध्यप्रदेश की मजबूत कृषि व्यवस्था और विविध फसल आधार में विशेष रुचि दिखाई। विश्वविद्यालयों और कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग, फसल आधारित प्रोटीन इनपुट्स की पहचान और राज्य को अनुप्रयुक्त अनुसंधान व पायलट परियोजनाओं के केंद्र के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी।

आगे की कार्ययोजना के तहत दोनों पक्षों ने उपयुक्त विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों की पहचान, फसल उपलब्धता व उपयुक्तता का आकलन, पायलट प्रोजेक्ट और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के अवसरों की समीक्षा तथा वाणिज्यिक और शोध साझेदारी पर आगे बैठकें करने का निर्णय लिया।

यह पहल नवाचार आधारित निवेश को आकर्षित करने और कृषि-खाद्य तथा जीवन विज्ञान क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में राज्य के सतत प्रयासों को रेखांकित करती है।

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