18 फरवरी 2026। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए साफ संकेत दिया है कि फोकस गांव, किसान, महिला, श्रमिक और युवा पर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने ऐसा बजट रखा जिसमें कृषि, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और अधोसंरचना को प्राथमिकता दी गई।
सरकार ने वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” घोषित किया है और किसानों के लिए कई बड़े प्रावधान किए हैं।
किसानों के लिए सोलर पंप और प्रोत्साहन
3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप किसानों को दिए जाएंगे। किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रत्येक किसान परिवार को सालाना 12 हजार रुपये मिल रहे हैं।
पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य में 21.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकृत है। सरकार का दावा है कि प्रदेश दाल उत्पादन में पहले और गेहूं तथा तिलहन उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
श्रमिकों और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की पहल जारी रहेगी।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत राज्य में 4.61 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3.64 करोड़ लोग जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 1.54 करोड़ से अधिक लोगों को बीमा सुरक्षा मिली है।
महिलाओं के लिए बड़े प्रावधान
महिला और बालिका कल्याण योजनाओं में रिकॉर्ड बजट आवंटित किया गया है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये और लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 80 लाख दूध पैकेट वितरण की योजना है, जिसके लिए 6,700 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। कामकाजी महिलाओं के लिए कई जिलों में “सखी भवन” बनाए जा रहे हैं।
शिक्षा और युवा
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 7.95 लाख विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार छात्रों को लाभ देने का लक्ष्य है।
खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपये और सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण की योजना भी बजट का हिस्सा है।
ग्रामीण विकास और अधोसंरचना
ग्रामीण कनेक्टिविटी सुधार के लिए 21,630 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
प्रधानमंत्री आवास के लिए 6,850 करोड़ रुपये, पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ और जी रामजी योजना के लिए 10,428 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
पर्यावरण और कृषि वानिकी
वन एवं पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6,151 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कृषि वानिकी योजना शुरू करने की घोषणा की गई है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने पर जोर रहेगा।
सिंहस्थ महापर्व के लिए विशेष पैकेज
आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर 13,851 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। वर्ष 2026-27 में सिंहस्थ कार्यों के लिए 3,060 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान प्रस्तावित है।
इंदौर–उज्जैन सिक्स लेन चौड़ीकरण के लिए 1,164 करोड़ रुपये, इंदौर–उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए 1,370 करोड़ रुपये और उज्जैन बायपास के लिए 701 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। नगरीय विकास के लिए 21,561 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
पुलिस और प्रशासनिक सुधार
पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। 11,000 नए आवास बनाए गए हैं। डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने के लिए 25 हजार टैबलेट पुलिसकर्मियों को दिए जा रहे हैं। 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं।
1 अप्रैल 2026 से तलाकशुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर बजट 2026-27 ग्रामीण आधार मजबूत करने, महिलाओं को आर्थिक ताकत देने और अधोसंरचना को गति देने की दिशा में केंद्रित दिखाई देता है। अब असली परीक्षा जमीन पर क्रियान्वयन की होगी।














