27 फरवरी 2026। झीलों का शहर होली के स्वागत में पूरी तरह तैयार है। रंग, संगीत और दोस्तों की महफिलों के बीच प्रीमियम बीयर ब्रांड वुडपेकर भी इस बार त्योहार की शामों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने को तैयार है। मध्य प्रदेश में निर्मित यह ब्रांड खुद को नवाचार, शिल्प और सुविधा के मेल के रूप में पेश कर रहा है।
भोपाल में होली सिर्फ एक दिन का पर्व नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने और साथ बैठकर खुशियां बांटने का मौका है। सुबह की पारंपरिक मुलाकातों से लेकर शाम की छतों और हाउस पार्टियों तक, वुडपेकर का स्मूद और संतुलित स्वाद ऐसे मौकों के लिए उपयुक्त बताया जा रहा है। इसका क्रिस्प फिनिश लंबे उत्सवी दिन के बाद भी हल्का अनुभव देता है।
सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज द्वारा तैयार वुडपेकर प्रीमियम बीयर राज्य में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। फिल्टर्ड व्हीट-स्टाइल प्रोफाइल, ताजगी भरा स्वाद और आसान ड्रिंकिंग कैरेक्टर के चलते यह शहरी उपभोक्ताओं के बीच पसंद की जा रही है। हाल ही में इसे ‘राइजिंग स्टार 2025’ का खिताब भी मिला है, जो इनोवेशन और क्वालिटी के आधार पर दिया जाता है।
ब्रांड की खास पहचान इसकी ट्विस्ट-कैप डिजाइन है। भारत में पहली बार इस फॉर्मेट के साथ उतारी गई इस बीयर में बोतल ओपनर की जरूरत नहीं पड़ती। डायरेक्ट बॉटल प्रिंटिंग, कलर-कोडेड कैप और आकर्षक पैकेजिंग इसे नाइटलाइफ से जोड़ने की कोशिश करते हैं। सुरक्षा के लिहाज से बोतल के नेक प्रोफाइल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दोबारा इस्तेमाल संभव न हो।
फूड पेयरिंग के मामले में भी वुडपेकर ने खुद को स्थानीय स्वाद के साथ जोड़ा है। हल्की माल्ट मिठास और साफ फिनिश इसे राज्य के लोकप्रिय व्यंजनों के साथ संतुलित बनाती है।
ब्रांड दो वेरिएंट में उपलब्ध है।
वुडपेकर ग्लाइड प्रीमियम माइल्ड लेगर है। इम्पोर्टेड टू-रो जौ, भारतीय माल्ट और जर्मन रेनियर हॉप्स से तैयार यह बीयर 30 दिनों तक मैच्योर की जाती है। हल्की मिठास, फ्लोरल हॉप अरोमा और चमकदार सुनहरा रंग इसकी पहचान है। कंपनी के अनुसार इसमें चावल और चीनी जैसे एडजक्ट्स का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे इसे 100 प्रतिशत नैचुरल प्रोफाइल के साथ पेश किया गया है।
दूसरा वेरिएंट वुडपेकर क्रेस्ट प्रीमियम स्ट्रॉन्ग लेगर है। गहरा सुनहरा रंग, फुल-बॉडी टेक्सचर और चेक यीस्ट स्ट्रेन के साथ तैयार यह वेरिएंट मजबूत माल्ट रिचनेस और नियंत्रित कड़वाहट के संतुलन पर जोर देता है। हाई-एनर्जी सेलिब्रेशन के लिए इसे खास तौर पर पोजिशन किया गया है।
कंपनी के मुताबिक वुडपेकर को हर महीने नियंत्रित बैच में तैयार किया जाता है ताकि स्वाद और स्थिरता बनी रहे। दो माल्ट्स के संयोजन के चलते इसे भारत की पहली क्रॉस-माल्ट बीयर के रूप में भी प्रचारित किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, होली के इस मौसम में वुडपेकर खुद को सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि त्योहार की शामों का हिस्सा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। अब देखना यह है कि रंगों के इस उत्सव में यह ब्रांड उपभोक्ताओं की पसंद पर कितना असर डाल पाता है।














