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एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 152

बीते चार वर्ष में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया सकारात्मक बदलाव
10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों में 20 से 28 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी

27 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश में संचालित सांदीपनि विद्यालय शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की अनूठी नजीर पेश कर रहे हैं। एमपी बोर्ड के हाल ही जारी 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट में स्थान पाने में सफलता हासिल की है। इतना ही नहीं, एमपी बोर्ड की इन परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम साल दर साल बेहतर हो रहा है। विगत चार वर्षों में सांदीपनि विद्यालयों ने 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों में 20 से 28 प्रतिशत तक का सुधार दर्ज कराया है।

वर्ष 2026 में कक्षा 10 की राज्य स्तरीय मेरिट सूची में जहां 41 विद्यार्थी सांदीपनि विद्यालयों से हैं, वहीं कक्षा 12 में विज्ञान, वाणिज्य, कला और कृषि संकायों की मेरिट सूची में 17 विद्यार्थियों का चयन हुआ है।

10वीं में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या 20 प्रतिशत बढ़ी
वर्ष 2023 से संचालित इन सांदीपनि विद्यालयों के वर्ष 2026 तक के परीक्षा परिणामों में वर्ष दर वर्ष प्रगति हो रही है। वर्ष 2023 में एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 68 था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 88 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं 10वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत भी 46 से बढ़कर 75 प्रतिशत से अधिक हो गया है।

12वीं का परीक्षा परिणाम 28 प्रतिशत तक सुधरा
कक्षा 12वीं में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत वर्ष 2023 के 59 प्रतिशत की तुलना में वर्ष 2026 में बढ़कर 87 प्रतिशत से अधिक हो गया। वहीं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 42 से बढ़कर 75 प्रतिशत तक हो गया।

सांदीपनि विद्यालयों के प्रयास उत्कृष्ट परिणाम देने पर केंद्रित
इन उपलब्धियों के पीछे सांदीपनि विद्यालयों में सुदृढ़ शैक्षणिक वातावरण, नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग, शिक्षक-छात्रों के बीच बेहतर संवाद तथा परिणाम आधारित रणनीतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रथम श्रेणी में विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने के प्रतिशत में निरंतर वृद्धि इस बात का संकेत है कि अब प्रयास केवल परीक्षा पास करने तक सीमित न रहकर उत्कृष्ट परिणाम देने पर केंद्रित हो रहे हैं। इन प्रयासों ने शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा की भावना तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रेरणा भी विकसित की है।

परिणामोन्मुख और छात्र-केंद्रित शिक्षा का प्रेरणादायक मॉडल
सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए किसी प्रकार की मेरिट या चयन परीक्षा की अनिवार्यता नहीं होती है। इन विद्यालयों में स्थानीय या आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। इन विद्यालयों के कारण सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े तबके के विद्यार्थियों को भी शिक्षा के आदर्श और आधुनिक वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलता है। ऐसे में सांदीपनि विद्यालय आज गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और छात्र-केंद्रित शिक्षा का एक सशक्त और प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रहे हैं।

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