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UCC को लेकर सीएम डॉ. मोहन ने तेज किए प्रयास, उच्च स्तरीय समिति का किया गठन, जानें क्या करेगी कमेटी?

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 147

सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति को नियुक्त किया अध्यक्ष

28 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) के संबंध में अध्ययन और परीक्षण के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति विभिन्न विधिक, सामाजिक-प्रशासनिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर संतुलित और व्यवहारिक सुझाव प्रस्तुत करेगी।

दरअसल, प्रदेश राज्य में विभिन्न व्यक्तिगत और पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण पोषण, उत्तराधिकार, अन्य संबंधित विषयों का संचालन अलग-अलग प्रावधानों के अनुसार किया जा रहा है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इन विधियों का समग्र परीक्षण कर एक समरूप, संतुलित और व्यवहारिक विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है। ताकि, नागरिकों के मध्य समानता, न्याय-संगतता और विधिक स्पष्टता सुनिश्चित हो सके।

ये हैं समिति के अध्यक्ष और सदस्य
इस उदेश्य को प्राप्त करने के लिए विषय के विधिक, समाजिक-प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर अनुशंसाएं प्रस्तुत होना जरूरी है। इसलिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रसाद देसाई को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके अलावा भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त शत्रुघ्न सिंह, कानूनविद अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया को समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है।

इनका अध्ययन करेगी समिति
यह समिति राज्य में प्रचलित विभिन्न व्यैक्तिक-पारिवारिक विधियों, विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक और लिव इन संबंधी व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी। यह समिति अन्य राज्यों विशेषकर उत्तराखण्ड-गुजरात में अपनाए गए मॉडल-प्रक्रिया का अध्ययन और परीक्षण करेगी। यह समिति राज्य के सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए समान नागरिक संहिता के लिए एक संतुलित-व्यवहारिक और विधिक संरचना प्रस्तुत करेगी।

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