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मध्य प्रदेश में सोयाबीन ने बदली किसानों की किस्मत, एक महीने में दाम 2000 रुपये उछले

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📍 भोपाल
मध्य प्रदेश में सोयाबीन ने बदली किसानों की किस्मत, एक महीने में दाम 2000 रुपये उछले
18 मई 2026। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कृषि उपज मंडियों में इन दिनों सोयाबीन किसानों के चेहरे पर लंबे समय बाद मुस्कान लौट आई है। बीते एक महीने में सोयाबीन के दामों में करीब 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जो सोयाबीन कुछ समय पहले 5200 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी, वही अब 7300 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुकी है।

शाजापुर और शुजालपुर मंडियों में सोयाबीन की ऊंची बोली किसानों के लिए राहत लेकर आई है। शुक्रवार को शाजापुर मंडी में 908 क्विंटल सोयाबीन की आवक दर्ज हुई। यहां न्यूनतम भाव 3250 रुपये, अधिकतम 7340 रुपये और मॉडल भाव 7100 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

मंडी विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में सोयाबीन की आवक कम है, जबकि मांग लगातार बनी हुई है। तेल मिलों द्वारा लगातार खरीदारी और उत्पादन में कमी के कारण कीमतों को मजबूती मिल रही है। खरीफ सीजन नजदीक आने के साथ व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में दामों में और तेजी आ सकती है।

किसान दुर्गेश पाटीदार ने बताया कि एक महीने पहले जब उन्होंने मंडी में भाव पूछे थे, तब सोयाबीन 5200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी, लेकिन अब उनकी उपज 7300 रुपये प्रति क्विंटल बिकी है। वहीं किसान शैलेन्द्र सिंह का कहना है कि पिछले दो वर्षों से किसानों को लागत तक नहीं मिल पा रही थी। लगातार बारिश और गिरते बाजार भाव के कारण आर्थिक दबाव बढ़ गया था, लेकिन अब बाजार में आई तेजी ने किसानों में नई उम्मीद जगा दी है।

व्यापारी निर्मल जैन के मुताबिक सीमित आवक और बढ़ती मांग के कारण बाजार में तेजी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि करीब पांच साल पहले सोयाबीन ने 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल का रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार, निर्यात मांग और घरेलू उत्पादन की स्थिति के चलते फिर से तेजी लौटती दिखाई दे रही है।

सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5708 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन फिलहाल मंडियों में किसानों को इससे कहीं अधिक दाम मिल रहे हैं।

खाद्य तेल बाजार पर भी असर पड़ने के संकेत मिलने लगे हैं। व्यापारियों का मानना है कि इस बार मौसम खराब रहने से कई क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे बाजार में माल की उपलब्धता कम हो गई है। दूसरी ओर तेल मिलों और निर्यात कंपनियों की मांग लगातार बढ़ रही है।

मंडी कारोबारियों का कहना है कि यदि सोयाबीन के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले समय में सोयाबीन तेल समेत अन्य खाद्य तेलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। जानकारों के मुताबिक आगे की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू उत्पादन पर निर्भर करेगी।
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