भोपाल 26 जून 2026। नीट यूजी (NEET-UG) केवल एमबीबीएस में प्रवेश का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आयुष शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश का भी महत्वपूर्ण द्वार बन चुका है। केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर की कार्य परिषद के सदस्य तथा एसकेआरपी गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (फिजियोलॉजी) डॉ. ए.के. द्विवेदी ने कहा कि नीट के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए बीएचएमएस (होम्योपैथी), बीएएमएस (आयुर्वेद), बीएनवाईएस (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा), बीयूएमएस तथा अन्य आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद भारत में आयुष क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आयुष मंत्रालय की स्थापना, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के विस्तार, राष्ट्रीय आयुष मिशन तथा जनसामान्य के बढ़ते विश्वास के कारण आयुष चिकित्सा पद्धतियों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। आज आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा जैसी प्रणालियां देश की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों को एमबीबीएस में प्रवेश नहीं मिल पाता, उनके लिए बीएचएमएस, बीएएमएस और बीएनवाईएस जैसे पाठ्यक्रम उत्कृष्ट एवं सम्मानजनक करियर विकल्प हैं। इन क्षेत्रों में चिकित्सकीय प्रैक्टिस के साथ-साथ शिक्षण, अनुसंधान, सार्वजनिक स्वास्थ्य, अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य परामर्श एवं उद्यमिता के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। डॉ. द्विवेदी ने कहा कि विश्वभर में समग्र (Holistic) एवं एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ रही है। ऐसे में आयुष शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार और सेवा के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से आयुष पाठ्यक्रमों की संभावनाओं को समझते हुए इन्हें उज्ज्वल भविष्य के विकल्प के रूप में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आयुष क्षेत्र भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था का और अधिक सशक्त स्तंभ बनेगा तथा नीट यूजी के माध्यम से हजारों युवा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सफल करियर का निर्माण करेंगे। “एमबीबीएस ही नहीं, आयुष भी है उज्ज्वल भविष्य और सेवा का सशक्त मार्ग।”














