×

भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल में होगा ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर का आयोजन

Place: Bhopal                                                 👤Posted By: Admin                                                         Views: 229005

Bhopal: भोपाल 2 जनवरी 2026। भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (बीएलएफ) के अंतर्गत भारत भवन में 9 से 11 जनवरी 2026 तक ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026 का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस आयोजन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा तथा पूर्वोत्तर के कई राज्यों सहित कुल 10 राज्यों से 60 से अधिक आदिवासी कलाकार भाग लेंगे।

मेले में गोंड, बैगा, भील, पिथोरा, वारली और भारिया चित्रकला सहित प्राकृतिक रंगों से निर्मित कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसके साथ ही बांस शिल्प, लकड़ी शिल्प, सजावटी आदिवासी वस्तुएं तथा लोहे के शिल्प भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगे। इस वर्ष विशेष रूप से लुप्तप्राय एवं दुर्लभ कला परंपराओं, जैसे गोंडना कला और मुरिया कला, पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यह आयोजन भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल को देश का एकमात्र ऐसा साहित्य उत्सव बनाता है, जिसमें साहित्य के साथ-साथ इतनी व्यापक और विविध सांस्कृतिक गतिविधियां भी एक मंच पर देखने को मिलती हैं। इससे विशेष रूप से युवा आदिवासी कलाकारों को दृश्यता, पहचान, बाजार और नए अवसर प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

ट्राइबल आर्ट कैंप केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक समग्र शिक्षण एवं सांस्कृतिक संवाद मंच है। इसमें दूसरी और तीसरी पीढ़ी के कलाकार भी शामिल होंगे, जो अपनी परंपरागत कला को बाहरी दुनिया और समकालीन समाज से जोड़ने के अवसर तलाश रहे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत पैनल चर्चाएं, कलाकार परामर्श सत्र, 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवा कलाकारों के लिए विशेष फोकस्ड ग्रुप डिस्कशन तथा वरिष्ठ कलाकारों द्वारा अपनी रचनात्मक यात्रा, चुनौतियों और सांस्कृतिक अनुभवों को साझा करने के सत्र आयोजित किए जाएंगे।

तीनों दिनों में प्रतिदिन लाइव वर्कशॉप के माध्यम से आदिवासी चित्रकला, बांस शिल्प, गोंडना कला, लकड़ी शिल्प और पारंपरिक आभूषण निर्माण की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया जाएगा। सभी कलाकारों के लिए आदिवासी कला एवं संस्कृति पर आधारित क्विज़ का आयोजन भी किया जाएगा।

सांस्कृतिक संध्याओं में आदिवासी नृत्य, संगीत, लोकगीत और कहानी-कथन की प्रस्तुतियां होंगी, जिससे दर्शकों को एक गहन और जीवंत सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा। दर्शकों को कलाकारों से सीधे संवाद करने, रचना-प्रक्रिया को निकट से देखने और उनके कार्यों के पीछे निहित सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर भी मिलेगा।

भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल के फेस्टिवल डायरेक्टर श्री राघव चंद्रा ने कहा कि ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर को एक दीर्घकालिक सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में विकसित करने का उद्देश्य है, ताकि आदिवासी कलाकारों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच मिल सके, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिले, पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण को प्रोत्साहन मिले तथा आदिवासी समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आ सके।

Share

Related News

Global News