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मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी 2025 - नवाचार और समृद्धि का नया युग

Place: Bhopal                                                 👤Posted By: Admin                                                         Views: 231245

Bhopal: भोपाल 8 जनवरी 2026, मध्यप्रदेश आज भारत वर्ष की उद्यमशीलता क्रांति की लहर में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जी.आई.एस.-25 के दौरान विमोचित मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी-2025 के साथ आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की और स्टार्टअप्स अग्रसर है। इस परिवर्तनकारी संकल्प को मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट भोपाल में 11–12 जनवरी 2026 को रवीन्द्र भवन में प्रदर्शित किया जाएगा। यह समिट मध्यप्रदेश को भारत के बड़े स्टार्टअप हब और एक उभरते वैश्विक नवाचार पॉवर हाउस के रूप में स्थापित करेगा।

मध्यप्रदेश अपने संकल्प, दृढ़ता और प्रगति के लिए जाना जाता है और यह नीति प्रदेश के युवाओं को प्रोत्साहन देने, उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत-2047 के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन एक ऐसा अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां नवाचार को बढ़ावा मिले, विचार सफल व्यवसायों में परिवर्तित हों और आर्थिक समृद्धि को नई ऊंचाइयां प्राप्त हों।

मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी-2025 की अद्वितीय विशेषताएँ

सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम : मध्यप्रदेश को भारत का सबसे गतिशील और समावेशी स्टार्टअप डेस्टीनेशन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम।

भारत के स्टार्टअप मिशन में 5 प्रतिशत योगदान : 2035 तक भारत के 10 लाख स्टार्टअप लक्ष्य में मध्यप्रदेश की 5% हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का संकल्प।

तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स के लिए समर्थन : वित्तीय, बुनियादी ढांचा और बाजार पहुंच सहायता देकर स्टार्टअप्स को ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना और यूनिकॉर्न बनने की राह को आसान बनाना।

वृहदस्तर पर निवेश और सीड फंडिंग : राशि 100 करोड़ का स्टार्टअप कैपिटल फंड और प्रत्येक स्टार्टअप के लिए 30 लाख रुपये तक का सीड अनुदान, जिससे उद्यमियों को हर चरण पर वित्तीय सहयोग मिलेगा।

स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) प्रदान की जाएगी।

उत्पाद-आधारित स्टार्टअप्स के लिए विशेष लाभ : विद्युत शुल्क में छूट, रोजगार सृजन प्रोत्साहन और विद्युत टैरिफ में प्रतिपूर्ति सहायता देकर प्रदेश को औद्योगिक नवाचार का हब बनाना।

गारंटी-मुक्त ऋण और ब्याज अनुदान : मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान और बिना गारंटी के ऋण प्रदान कर स्टार्टअप्स को वित्तीय व्यवधानों से मुक्त करना।

बाजार के अवसर उपलब्‍ध कराना : डिजिटल मार्केटिंग समर्थन के माध्‍यम से बाजार के नवीन अवसर।

अधोसंरचना विकास : प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक स्टार्टअप हब, को-वर्किंग स्पेस और नवाचार-आधारित क्षेत्रीय क्लस्टर स्थापित करना।

युवाओं में उद्यमशीलता को प्रोत्साहन : स्कूलों और कॉलेजों में उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर नवाचार और जोखिम लेने की प्रवृत्ति को मजबूत बनाना।

वैश्विक पहचान और निवेशकों का विश्वास : अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों, सरकारी रैंकिंग और निवेशकों के सहयोग से मध्यप्रदेश को भारत के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करना।

उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार ने कहा है कि राज्य शासन दूरदर्शी उद्यमियों, जुनूनी निवेशकों और नवाचार को आगे बढ़ाने वाले साहसी व्यक्तियों से आह्वान करता है कि वे इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल हों और भारत की स्टार्टअप सफलता की नई कहानी गढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश इस नीति के साथ प्रगति, समृद्धि और असीम संभावनाओं का एक नया अध्याय लिखने की ओर अग्रसर है।

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