परीक्षा आवेदन-पत्र में टोपी लगा फोटो लगाने पर प्रतिबंध लगाया
27 जुलाई 2018। प्रदेश की पाहुन्ट परीक्षा यानि आयुष विभाग के अंतर्गत राज्य के शासकीय एवं निजी क्षेत्र के आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी महाविद्यालयों एवं निजी क्षेत्र के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की परीक्षा व्यापम नहीं करायेगा बल्कि केन्द्र सरकार का सेन्ट्रल बोर्ड आफ सेकेण्ड्री एजुकेशन यह परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेन्स टेस्ट यानि नीट के माध्यम से आयोजित करेगा। इस संबंध में नये नियम जारी कर दिये गये हैं।
नये नियमों में नीट परीक्षा के आवेदन-पत्र में टोपी लगा फोटो लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यही नहीं फोटो में धूप का चश्मा भी नहीं होना चाहिये तथा फोटो पोलोराइड या कम्प्यूटर से बना भी स्वीकार नहीं होगा।
आयुष कालेजों की सीटों में आरक्षण का प्रावधान होगा तथा आरक्षण के हर वर्ग में महिलाओं के लिये तीस प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी।
नये नियमों में बताया गया है कि शासकीय आयुष कालेजों में सिर्फ मप्र के मूल निवासी को ही प्रवेश मिलेगा जबकि निजी आयुष कालेजों में प्रदेश के बाहर निवास करने वाले भी प्रवेश पा सकेंगे लेकिन मप्र के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों हेतु 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। ग्वालियर स्थित शासकीय आयुष कालेज में विदेशी छात्रों हेतु पांच सीटें आरक्षित रहेंगी तथा ये सीटें भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के द्वारा भरी जायेंगी।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि पाहुन्ट परीक्षा अब व्यापम के द्वारा नहीं होंगी बल्कि सीबीएसई द्वारा आयोजित नीट के माध्यम से होगी और नीट परीक्षा की मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश दिया जायेगा। इसमें आरक्षण का भी प्रावधान रहेगा।
- डॉ. नवीन जोशी
अब पाहुन्ट परीक्षा व्यापम के स्थान पर सीबीएसई से होगी
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Bhopal 👤By: Admin Views: 1626
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