🔴 TRENDING NOW!
ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी भारत की अगली रक्षा लड़ाई सिर्फ मिसाइल और लड़ाकू विमानों से नहीं, AI और Cyber Security से भी होगी हाउस ऑफ मैकडॉवेल्स सोडा ने ‘यारी की नई वाइब’ के साथ यारी को दिया नया अंदाज़ कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के सरकारी और रक्षा संस्थानों पर साइबर खतरा, APT36 के नए Malware अभियान से अलर्ट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

सरकारी वेबसाईटों का रखरखाव निजी एजेन्सियों से कराने पर लगा प्रतिबंध

👤
DD
👁 1200 व्यूज
📍 Bhopal
सरकारी वेबसाईटों का रखरखाव निजी एजेन्सियों से कराने पर लगा प्रतिबंध
15 जुलाई 2020। राज्य सरकार ने अपने विभागों, संस्थाओं एवं उपक्रमों की वेबसाईटों का रखरखाव निजी एजेन्सियों से कराने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम सायबर सिक्सुरिटी के तहत उठाया गया है।
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को निर्देश जारी कर कहा है कि विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं उपक्रमों द्वारा अपनी वेबसाईटों का विकास विभिन्न निजी एजेन्सियों से कराया जाता है जिसके रखरखाव की सीमित अवधि होती है। रखरखाव की समय-सीमा समाप्त होने के पश्चात वेबसाईट को अद्यतन करने एवं रखरखाव का कार्य प्रभावित होता है एवं निजी एजेन्सियों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे प्रकरणों में डाटा सुरक्षित रखना चुनौतिपूर्ण कार्य होता है। इसलिये राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि राज्य शासन के विभागों की वेबसाईट्स का विकास एवं रखरखाव राज्य सरकार के उपक्रम मैप-आईटी अथवा केंद्र सरकार के उपक्रम एनआईसी से ही कराया जाये। इस हेतु अन्य किसी तीसरी एजेन्सी को कार्य नहीं दिया जाये।
डाटा सेंटर भी बनाने पर लगी रोक :
राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित स्टेट डाटा सेंटर अरेरा हिल्स भोपाल में स्थित है जो सायबर सुरक्षा मानकों के अनुरुप तैयार किया गया है। इसे समय-समय पर अद्यतन किया जाता है। इस डाटा सेंटर में राज्य शासन के कई विभागों के एप्लीकेशन्स होस्ट किये गये हैं। प्रदेश में इन्फरमेशन सिक्युरिटी को ध्यान में रखते हुये राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि राज्य शासन के विभाग, संस्थायें एवं सार्वजनिक उपक्रम द्वारा कोई नया डाटा सेंटर स्थापित नहीं किया जाये तथा सभी एप्लीकेशन्स केवल सरकारी स्टेट डाटा सेंटर में ही होस्ट किया जाये।
मैप-आईटी को बनाया नोडल एजेंसी :
राज्य सरकार ने प्रदेश में क्रिटीकल इन्फरमेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्रियान्वयन हेतु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन संस्था एमपी एजेन्सी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्फरमेशन टेक्नालॉजी यानि मैप-आईटी को समस्त विभागों से समन्वय करने हेतु नोडल एजेन्सी नामित किया है।


- डॉ. नवीन जोशी
Tags :