रुपये सालाना आय वाले प्राप्त कर सकेंगे
3 अग्स्त 2020। प्रदेश में अब विधि सहायता दो लाख रुपये सालाना आय वाले व्यक्ति भी प्राप्त कर सकेंगे। इस संबंध में राज्य के विधि विभाग ने नया प्रावधान कर दिया है।
ज्ञातव्य है कि कमजोर वर्गों को नि:शुल्क कानूनी सहायता देने के लिये मप्र विधिक सेवा प्राधिकरण बना हुआ है। द लीगल सर्विेज अथारिटीज एक्ट 1987 के तहत कमजोर वर्गों को अदालतों में सरकार व्यय पर वकीलों की मदद दी जाती है। यह मदद नि:शुल्क होती है। पहले प्रावधान था कि ऐसे कमजोर व्यक्ति जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये तक होगी, यह विधिक सहायता प्राप्त करने के पात्र होंगे। चूंकि वर्तमान में मंहगाई बहुत बढ़ गई है इसलिये राज्य सरकार ने आय की सीमा दो लाख रुपये कर दी है।
इन्हें मिलती है विधिक सहायता :
द लीगल सर्विेज अथारिटीज एक्ट 1987 की धारा 12 के तहत विधिक सहायता प्राप्त करने के लिये ये व्यक्ति पात्र हैं : एक, अजाजजा व्यक्ति। दो, लोगों द्वारा सताया व्यक्ति। तीन, महिला एवं बच्चे। चार, मानसिक या अन्य प्रकार से विकलांग व्यक्ति। पांच, जातीय अत्याचार या बाढ़ या सूखा या भूकम्प या औद्योगिक दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति। छह, औद्योगिक कामगार। सात, दुष्कर्म का शिकार व्यक्ति।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण ने विधिक सहायता की पात्रता हेतु सालाना आय सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये किये जाने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा था जिस पर यह प्रावधान हो गया है। आज के जमाने में न्याय बहुत मंहगा हो गया है इसलिये ऐसा किया जाना जरुरी हो गया था। प्राधिकरण अजाजजा के लोगों को अपने मामले आपसी सहमति से निपटाने के लिये भी प्रशिक्षित किया जाया रहा है।
- डॉ. नवीन जोशी
प्रदेश में अब विधिक सहायता दो लाख
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Bhopal 👤By: DD Views: 1248
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