🔴 TRENDING NOW!
नंबर गेम में जियो फिर नंबर वन, अगस्त में सबसे ज्यादा मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़े AI का खतरा ‘कोई झूठ नहीं’, सुरक्षा उपाय जरूरी: बिल गेट्स ने ट्रंप के रुख पर उठाए सवाल एआई दिग्गज हजारों सुरक्षा घटनाओं की जांच में जुटे, एजेंट्स के स्वायत्त व्यवहार ने बढ़ाई चिंता मध्य प्रदेश के नाम गौरवपूर्ण उपलब्धि: यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हुए चार और नए ऐतिहासिक स्थल छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का हिस्सा समुदाय द्वारा स्वत: हटाया जा रहा है - कलेक्टर रोशन सिंह डीएचएल एक्सप्रेस ने भारत में 2027 के लिए सालाना प्राइस एडजस्टमेंट्स की घोषणा की लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे नेता प्रतिपक्ष, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- इस्तीफा दें राहुल गांधी US जूरी का बड़ा फैसला: Facebook ने डेटा प्राइवेसी को लेकर यूज़र्स को गुमराह किया, 4.39 करोड़ उल्लंघन कृति सेनन ने उठाया महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा, कहा- बेटियां ऐसी दुनिया की हकदार हैं 'जिस घर में जन्मे, छोटे से बड़े हुए, खेले-कूदे...,' कहते-कहते भावुक हुए सीएम डॉ. यादव, अपने ही घर पर आखिर क्यों चलाई गैंती?

आदिवासी छात्रावासों का संचालन अब एमपी टास पोर्टल से होगा

👤
DD
👁 1388 व्यूज
📍 Bhopal
आदिवासी छात्रावासों का संचालन अब एमपी टास पोर्टल से होगा
शिवराज सरकार ने किया 1 अरब 13 करोड़ रुपयों का बजट प्रावधान
2 सितंबर 2020। प्रदेश के ट्रायबल डिपार्टमेंट के अंतर्गत संचालित चार हजार आदिवासी छात्रावासों का संचालन अब एमपी टास पोर्टल के माध्यम से होगा। इसके लिये शिवराज सरकार ने 1 अरब 13 करोड़ 22 लाख रुपयों का प्रावधान किया है।
एमपी टास पोर्टल पर इन छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों का प्रोफाईल पंजीकरण किया गया है तथा विद्यार्थियों की बायोमीट्रिक अटेन्डेंस ली जा रही है। पोर्टल पर प्रोफाईल पंजीकरण हेतु आधार नंबर, जाति प्रमाण-पत्र एवं समग्र परिवार आईडी एवं समग्र सदस्य आईडी ली जाती है।
उक्त प्रोफाईल के आधार पर ही अब छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शासन की सभी योजनाओं जिनमें छात्रवृत्ति भी शामिल है, का लाभ दिया जायेगा। वर्तमान में इन विद्यार्थियों को अलग-अलग हेड से योजनाओं का लाभ मिलता है परन्तु एमपी टास पोर्टल के माध्यम से उन्हें एक ही हेड से ये सारे लाभ मिलेंगे।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि बजट में एक अरब रुपयों से ज्यादा का प्रावधान किया गया है तथा प्रस्ताव शासन को भेज दिये गये हैं। कुछ दिनों बाद एकीकृत रुप से एमपी टास पोर्टल के माध्यम से आदिवासी छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों को सारी योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो जायेगा।

मण्डला में खुलेगा वेटनरी डिप्लोमा कॉलेज

जबलपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले मण्डला जिले में इस साल वेटनरी डिप्लोमा कॉलेज खोला जायेगा। इसके लिये शिवराज सरकार ने पशुपालन विभाग के अंतर्गत एक करोड़ रुपयों का प्रारंभिक बजट का प्रावधान कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अभी पांच जिलों जबलपुर, रीवा, मुरैना, इंदौर और भोपाल में वेटनरी डिप्लोमा कॉलेज हैं। ये सभी कॉलेज सौ-सौ सीटर हैं। हालांकि मण्डला में खुलने वाला कॉलेज अभी 50 सीटर ही होगा। जबलपुर की वेटनरी यूनिवर्सिटी ही मण्डला में खुलने वाले कॉलेज की परीक्षायें आयोजित करेगी।
वेटनरी डिप्लोमा कॉलेजों में प्रवेश व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा से मिलता है। मण्डला में भी इसी आधार पर प्रवेश मिलेगा। इसका पाठ्यक्रम दो वर्षीय होगा तथा विद्यार्थी दो वर्ष में ही अध्ययन कर वेटनरी डिप्लोमा प्राप्त कर सकेंगे। इससे मण्डला क्षेत्र के आदिवासी युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। बजट प्रावधान होने से अब इस पर शासन स्तर से निर्णय होंगे कि मण्डला के किस स्थान पर यह कॉलेज शुरु किया जाये। इसके लिये वहां भूमि की भी तलाश की जायेगी। प्रारंभ में किराये के भवन में इसे कॉलेज को शुरु किया जा सकता है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि मण्डला में प्रदेश का छठवां वेटनरी डिप्लोमा कॉलेज खाुलने की तैयारी है तथा इसके लिये बजट में प्रावधान किया गया है। शासन स्तर पर इसके लिये और बजट आवंटित होगा।


- डॉ. नवीन जोशी
Tags :