7 नवंबर 2020। हाईकोर्ट के निर्णयों के पालन में राज्य सरकार ने आफिसर इन चार्ज यानि ओआईसी के लिये आचार संहिता बनाकर लागू कर दी है। ये ओआईसी यानि प्रभारी अधिकारी वे होते हैं जो राज्य सरकार के विभागों के मामलों में हाईकोर्ट में नियुक्त किये जाते हैं।
नवीन आचार संहिता के अनुसार, प्रभारी अधिकारी को प्रकरण के तथ्यों की पूर्ण जानकारी एवं तैयारी के पश्चात ही सरकारी अधिवक्ता के कार्यालय में स्वयं उपस्थित होना चाहिये तथा रिटर्न/जवाब/अंतरिम आवेदन आदि तैयार कर रहे अधिवक्ता को जानकारी देते समय पूर्ण सहयोग प्रदान करना चाहिये। प्रभारी अधिकारी प्रत्येक प्रकरण की एक पृथक फाईल संधारित करेंगे जिसमें न्यायालय के समक्ष हुई समस्त सुनवाईयों से संबंधित आदेश की प्रतियां होंगी। प्रभारी अधिकारी नियुक्त न होने पर जब भी आवश्यक हो, कोई अन्य राजपत्रित अधिकारी ही कोर्ट में उपस्थित होगा। प्रभारी अधिकारी न्यायालय में सुनवाई के दौरान औपचारिक परिधान पहनेंगे। प्रभारी अधिकारी मुकदमें के पूरी तरह समाप्त होने तक उसे मिले प्रत्येक प्रकरण को संभालने के लिये जिम्मेदार होगा। तबादला होने पर प्रभारी अधिकारी सभी दस्तावेज अपने उत्तराधिकारी को सौंपेगा। प्रभारी अधिकारी, महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा दिये गये किन्हीं निर्देशों के बारे में विधिक प्रकोष्ठ/सक्षम विभागीय प्राधिकारी से तत्काल संवाद करने के लिये उत्तरदायी होगा। यदि प्रभारी अधिकारी ने कोई चूक की तो उस पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्यवाही की जायेगी।
- डॉ. नवीन जोशी/PNI
ओआईसी के लिये नवीन आचार संहिता लागू....
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