जल संसाधन के सात अफसरों को दिया गया सिर्फ परिनिन्दा का दण्ड
5 जून 2021। राज्य सरकार ने बुन्देलखण्ड पैकेज में घोटाला करने वाले जल संसाधन विभाग के सात अफसरों को सिर्फ परिनिन्दा का दण्ड देकर मामला रफा-दफा कर दिया है।
इन अफसरों के नाम हैं : तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी वीके रावत, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी आरके तिवारी, तत्कालीन उपयंत्री आरपी शर्मा, तत्कालीन उपयंत्री आरपी पाराशर, तत्कालीन उपयंत्री केबी मिश्रा, तत्कालीन उपयंत्री एससी जैन तथा तत्कालीन उपयंत्री एलएल चौरसिया। इन पर आरोप था कि उन्होंने बुंदेलखण्ड पैकेज के क्रियान्वयन में अनियमितता की तथा मुख्य तकनीकी परीक्षक सतर्कता ने इसकी जांच की थी। इन पर आरोप था कि उन्होंने बरियापुर बांयी नहर परियोजना में 0 किमी से 49 किमी की सीाी लाईनिंग कार्य में सीमेंट, कांक्रीट की स्ट्रेन्थ मान दण्डानुसार न कराकर अमानक स्तर पर की एवं लाईनिंग कार्य में अत्यधिक क्रेक्स पाये जाने से लाईनिंग कार्य में ज्वाईंट फिलिंग का कार्य भी नहीं किया गया।
इन सातों अफसरों को 13 अक्टूबर 2017 को आरोप-पत्र जारी किये गये थे। इस मामले में पवन घुवारा ने हाईकोर्ट में रिट पिटिशन भी लगाई थी। आरोप-पत्र के जवाब में अफसरों ने बताया था कि इंगित कमियों का सुधार कार्य एजेन्सी द्वारा किया जा रहा है। मुख्य अभियंता धसान केन कछार सागर ने अपने अभिमत में कहा भी कि कमियां वार्षिक मरम्मत में सुधार योग्य थीं। सुधार किये जाने से शासन को कोई वित्तीय हानि भी नहीं हुई है। चूंकि इन अफसरों की सुपरवीजन की कमी पाई गई थी इसलिये उन्हें अब परिनिन्दा के दण्ड से दण्डित किया गया है और प्रकरण समाप्त कर दिया गया है।
- डॉ. नवीन जोशी
बुन्देलखण्ड पैकेज में घोटाला करने का मामला रफादफा.....
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Bhopal 👤By: DD Views: 1839
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