कोरोना के बहाने प्राथमिकता बदल रही, विपक्ष भी खामोश
डॉ. नवीन जोशी
भोपाल 14 दिसंबर 2021। समय के साथ सरकार की प्राथमिकताएँ बदलने लगी है। जन सामान्य को समय पर लोकसेवा मिलें, इस उद्देश्य से स्वमेव लोक सेवा कानून लागू करने में मप्र सरकार की अब रुचि नहीं रही। यही कारण हैं कि एक वर्ष बाद भी इस विधेयक पर राज्य के रहनुमा गम्भीर नजर नही आ रहे, विधानसभा में इस पर कोई चर्चा नहीं कराई जा रही, ना ही शासन में इस पर कोई कार्यवाही प्रचलन में हैं।
राज्य सरकार में अब स्वमेव लोक सेवा मिलने का कानूनी प्रावधान लाने में कोई रुचि नहीं है। कोरोना की वर्ष 2020 में पहली लहर के बाद राज्य सरकार ने 19 अगस्त 2020 को अध्यादेश लाकर प्रावधान किया था कि जिन लोक सेवाओं को राज्य सरकार चिन्हित करेगी उनमें यदि आवेदक को तय समय में लोक सेवा नहीं दी गई तो वह पोर्टल पर स्वमेव जनरेट हो जायेगी,लेकिन यह अध्यादेश भी छह माह बाद निष्प्रभावी हो गया।
यही नहीं, इस अध्यादेश के प्रावधानों को निरन्तर प्रभावी रखने के लिये राज्य सरकार ने सितम्बर 2020 के विधानसभा सत्र में संशोधन विधेयक लाया था, लेकिन इस पर न ही चर्चा कराई गई और न ही इसे पारित किया गया। यही नहीं, बाद में इस संशोधन विधेयक को वापस ले लिया गया। इसके बाद स्वमेव लोक सेवा मिलने के बारे में कोई चर्चा नहीं की गई और न ही इसका कानूनी प्रावधान लाने में रुचि दिखाई गई है।कोरोना के संक्रमण के नाम पर लगातार लोकहित के मुद्दों से सरकार जी चुरा रही है बजट ना होने के बावजूद भी समय-समय पर सरकारी आयोजनों और इवेंट करके अपनी वाहवाही लूट रही है और असल मुद्दों से दूर विपक्ष भी जनता से जुड़े जन हितेषी मुद्दों पर सरकार को नहीं खेल पा रहे हैं ऐसी स्थिति में लोक सेवा से जुड़े इस अति महत्वपूर्ण विधेयक पर अब चर्चा कब हो पाएगी कह पाना मुश्किल लगता है ।
राज्य सरकार की स्वमेव लोक सेवा मिलने का कानून लाने में रुचि नहीं....
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Bhopal 👤By: DD Views: 1853
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