मुख्यमंत्री बोले, उज्जैन का बेहतर प्रबंधन पूरे प्रदेश का बढ़ाएगा सम्मान
उज्जैन 11 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में की जा रही व्यवस्थाएं न केवल शहर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के गौरव को बढ़ाएंगी। ग्राम हरियाखेड़ी में 1133.67 करोड़ रुपये की हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना के भूमि-पूजन के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं और शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 माह में पूरी होने वाली इस परियोजना के तहत 708 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे और नए जल शोधन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 49 हजार से अधिक नए घरेलू जल कनेक्शन दिए जाएंगे। हरियाखेड़ी, गंभीर, उंडासा और साहिबखेड़ी को मुख्य जल स्रोत के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे सिंहस्थ के दौरान और बाद में भी जल आपूर्ति बाधित न हो।
सिंहस्थ-2028 में उज्जैन की अनुमानित स्थायी जनसंख्या लगभग 9.65 लाख और मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या 21.83 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। शाही स्नान के दिनों में एक ही दिन में करीब 2.28 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। आसपास के 20 ग्रामों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 47.23 करोड़ रुपये लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए जिले में “प्रोजेक्ट संवर्धन” की शुरुआत की गई है। मेधावी छात्रों का सम्मान और सफाई कर्मियों को किट वितरण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा।
डॉ. यादव ने घोषणा की कि उज्जैन में आयुर्वेद का धनवंतरी इंस्टीट्यूट खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। महाकाल लोक और सिंहस्थ की तैयारियां उसी दिशा में कदम हैं। उन्होंने बताया कि क्षिप्रा नदी के घाटों पर करीब 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। रामघाट के पास एक छोटा और एक बड़ा पुल निर्माणाधीन है। मार्च में गीता भवन का लोकार्पण होगा और उज्जैन-इंदौर फोर लेन सड़क का भूमि-पूजन भी शीघ्र किया जाएगा। उज्जैन को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है।
कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर सड़क, सीवर और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विकसित किया जा रहा है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी रही।
साफ है कि सिंहस्थ-2028 को लेकर सरकार तैयारी मोड में है। इस बार जोर सिर्फ आयोजन पर नहीं, बल्कि स्थायी बुनियादी ढांचे पर है।














