भोपाल 7 दिसंबर 2022। राज्य सरकार ने नौ प्राचीन स्मरकों को डिनोटिफाई कर दिया। इनमें छह प्राचीन स्मारक भोपाल जिले में आते हैं। इनमें शामिल हैं : भोपाल शहर के इतवारा में स्थित मौलाना आजाद सेन्ट्रल लायब्रेरी केंद्रीय पुस्तकालय (अजायबघर), भोपाल की हुजूर तहसील के ग्राम धरमपुरी में यूनियन काबाईड इंडिया लिमिटेट बैरसिया रोड के स्वामित्व वाली बारादरी छत्री, इसी ग्राम में स्थित ब्यू पाईंट, भोपाल की हुजूर तहसील में गांधी मेडिकल कालेज परिसर में स्थित दोस्त मोहम्मद एवं फतेह बीबी का मकबरा, भोपाल की हुजूर तहसील में इस्लामनगर में स्थित गौंड महल, धार जिले के नालछा में स्थित तीन प्राचीन स्थल मालकम कोठी, चारचमेली एवं हौज।
सालों पहले ये सभी नौ स्मारक मप्र प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल अवशेष अधिनियम 1964 के तहत राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किये गये थे जिन्हें अब डिनोटिफाई कर दिया गया है। इसका कारण यह है कि प्राचीन स्मारक घोषित होने पर उस स्थल के सौ मीटर व्यास में कोई भी निर्माण एवं खनन प्रतिबंधित हो जाता है तथा इस सौ मीटर सें दो सौ मीटर और व्यास में खनन एवं निर्माण रेगुलेटेड यानि विधिवत अनुमति लेने पर ही हो सकता था।
डबरा के तीन स्मारक नोटिफाई हुये :
इधर राज्य सरकार ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में स्थित तीन प्राचीन स्मारकों को राज्य संरक्षित घोषित कर दिया है। इसमें शामिल हैं : ग्राम लोहगढ़ में स्थित गढ़ी लोहगढ़, ग्राम देवगढ़ में स्थित देवगढ़ का किला तथा ग्राम सालवाई में स्थित प्रसिध्द प्राचीन गढ़ी सालवाई।
- डॉ. नवीन जोशी

प्रदेश में नौ प्राचीन स्मारक डिनोटिफाई किये गये
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Bhopal 👤By: DD Views: 1441
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