06 फरवरी 2023। मप्र सरकार ने वन विभाग के दुर्लभ रक्त चंदन एवं दुर्लभ जंगली कछुआ तस्करी के केस को सीबीआई को सौंप दिया है। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने ये केस सीबीआई को सौंपने के संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है तथा सीबीआई के अधिकारियों ने मंत्रालय स्थित गृह विभाग के आफिस में जाकर यह नोटिफिकेशन ले लिया है और आगे की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।
छह माह से अटका था मामला :
दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उक्त दोनों मामलों में सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया था परन्तु यहनिर्णय वन विभाग में ही पिछले छह माह से पड़ा हुआ था। चूंकि सीबीआई जांच के लिये राज्य के गृह विभाग से नोटिफिकेशन जारी कराना होता है, इसलिये सीबीआई इस पर अब तक कार्यवाही नहीं कर पा रही थी। जब उच्च स्तर पर इस लंबित मामले की जानकारी सामने आई तो अब आनन-फानन में यह फाईल वन विभाग से गृह विभाग में बुलवाई गई तथा नोटिफिकेशन जारी किया गया। स्वयं सीबीआई अधिकारियों ने गृह विभाग में जार यह नोटिफिकेशन प्राप्त किया।
यह है मामला :
17 सितम्बर 2019 को धार जिले के धामनोद वन क्षेत्र में आठ करोड़ रुपये की दुर्लभ रक्त चंदन लकडिय़ा जब्त करने का केस दर्ज किया गया था। इसमें तमिलनाडु के दो तस्कर भी पकड़े गये थे। ये तस्कर विदेशों में इसकी सप्लाई करते थे। इसी प्रकार, सागर जिले में 5 मई 2017 को जंगली कछुआ पकड़ाने का केस दर्ज हुआ था। इनकी विदेशों में तस्करी होती थी। दोनों प्रकरणों में राज्य के वन विभाग ने पीओआर काट रखे थे। चूंकि मामला अंतराष्ट्रीय तस्करों से जुड़ा है, इसलिये इसे अब सीबीआई को सौंपा गया है। राज्य के गृह सचिव गौरव राजपूत ने बताया कि वन विभाग के दो पीओआर प्रकरणों को सीबीआई को सौंपने के लिये नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
- डॉ. नवीन जोशी

मप्र सरकार ने रक्त चंदन एवं जंगली कछुआ तस्करी के केस सीबीआई को सौंपे
Place:
Bhopal 👤By: prativad Views: 1140
Related News
Latest News
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से किया प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ
- Nvidia GTC 2026: Jensen Huang ने दिखाया AI का अगला रोडमैप, ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर बूम’ पर जोर
- 2.5 लाख शिक्षकों-कर्मचारियों को योगी सरकार का तोहफा, ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख से बढ़कर हुई 25 लाख
- धुरंधर 2 का एंडिंग एक्सप्लेन: क्या तीसरे पार्ट की कोई तैयारी है?
- विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव















