×

एमपी की हर विधानसभा में होंगे कृषि सम्मेलन, किसानों को होगा बड़ा फायदा, ये है सीएम डॉ. यादव का प्लान

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 150

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित हुआ अभिमुखीकरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन में की सहभागिता
कृषि सम्मेलन के लिए हर विधानसभा को मिलेंगे 5 लाख रुपए

16 मार्च 2026। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए 16 मार्च का दिन खास रहा। अब किसानों के लिए विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खुलेंगी। छोटे किसानों को खेती के लिए किराये पर यंत्र मिलेंगे। इतना ही नहीं, राज्य के सभी विधायक अपने क्षेत्र में करीब 5 कृषि सम्मेलन करेंगे। इन सम्मेलनों के लिए कृषि विभाग हर विधानसभा क्षेत्र को 5 लाख रुपए देगा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की आए बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं। इसी संकल्प के लिए वे लगातार नवाचार कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सोमवार को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसान कल्याण वर्ष में सभी की सक्रिय सहभागिता जुटाना है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान कल्याण वर्ष 2026 में विभिन्न विभाग मिलकर कृषि विकास और किसान कल्याण योजनाओं को जमीन पर उतारें। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी उपायों पर क्रियान्वयन तेज किया जाए। किसान कल्याण वर्ष का लाभ किसानों के परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का इकलौता राज्य है, जो 5 रुपए में किसानों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवा रहा है। ये किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सफल हो रहे सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मध्यप्रदेश के पुराने विधानसभा भवन का पवित्र स्थान है। इस स्थान पर किसान कल्याण योजनाओं पर केंद्रित यह कार्यक्रम राज्य सरकार के कृषि क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता का भी प्रतीक है। प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्हें साकार करने के प्रयास सफल हो रहे हैं। प्रदेश में दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में प्रदेश का दूध कलेक्शन 25 प्रतिशत बढ़ा है। अब प्रदेश में 12.50 लाख लीटर दूध कलेक्शन किया जा रहा है। दूध का मूल्य भी 5 रुपए प्रति लीटर बढ़ा है। इससे दुग्ध उत्पादकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और क्षेत्र में नरवई प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ट्रैक्टर-ट्रॉली और भूसे की मशीन उपलब्ध करवा रही है। राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण के लिए माता यशोदा योजना शुरू करने की पहल की है।

पर्यटन क्षेत्र में स्थापित हो रहे विकास के नए आयाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने होम स्टे की योजना शुरू की है। होम स्टे संचालकों के लिए 20 लाख तक की आय जीएसटी से मुक्त रखी गई है। लघु-कुटीर उद्योग के क्षेत्र में शहद उत्पादन से किसान लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हो रही इस कार्यशाला में लगभग सभी प्रमुख विभाग शामिल हुए हैं। राज्य की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इन 16 विभागों के अंतर्गत आ जाता है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।

कृषि कल्याण के लिए बनेगा सकारात्मक वातावरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खुलेंगी, जिनसे लघु कृषकों को खेती के लिए किराये पर यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। विधायक अपने क्षेत्र में 4 से 5 कृषि सम्मेलन करें, इसके लिए कृषि विभाग ने प्रति विधानसभा क्षेत्र 5 लाख रुपए आवंटित करने का निर्णय किया है। इन प्रयासों से कृषि कल्याण के लिए सकारात्मक वातावरण बनेगा। किसान सोलर से बिजली उत्पादन की सभी योजनाओं का लाभ उठाएं। लघु-कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए भी कार्य करें।

Related News

Global News