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जल जीवन मिशन 2.0 के तहत मप्र सरकार और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच हुआ एमओयू

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 158

सीएम डॉ. यादव बोले - गांवों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है जल जीवन मिशन 2.0
दिसंबर 2028 तक हर ग्रामीण परिवार को नल से शुद्ध जल पहुँचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली 17 मार्च 2026। मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को दिसंबर 2028 तक नल से शुद्ध जल उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन 2.0 (जेजेएम 2.0) योजना को मंजूरी देते हुए इसे दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया। योजना के पहले ही दिन मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील की नई दिल्ली में और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की वर्चुअल उपस्थिति में एमओयू साइन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जल जीवन मिशन 2.0 के अनुमोदन के लिए प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दिसंबर 2028 तक जल जीवन मिशन के सभी कार्य पूर्ण कर प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना, मध्य प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री संपतिया उईके सहित केंद्र और राज्य के संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

दूरस्थ और आदिवासी अंचलों तक पहुंच सकेगा जल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हमारी सरकार प्रदेश के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस पहल से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों तक जल पहुंच सकेगा, जिससे माताओं-बहनों का जीवन सुगम एवं सशक्त होगा। मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत सभी ग्रामीण नल-जल योजनाओं का गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 8 मार्च से 22 मार्च तक ‘जल महोत्सव’ के अंतर्गत जल संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूरी हो चुकी योजनाओं का हस्तांतरण निर्वाचित प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से ‘जल अर्पण’ उत्सव के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रि-परिषद ने ‘मध्य प्रदेश पंचायत (ग्रामीण नलजल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति), 2026’ को मंजूरी देकर ग्राम पंचायतों को योजनाओं के संचालन और रखरखाव में सशक्त बनाने का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि जल जीवन मिशन 2.0 का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित आधार पर पर्याप्त मात्रा और निर्धारित गुणवत्ता का नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराना है। जल जीवन मिशन 2.0 ग्रामीण समुदायों के जीवन स्तर को बढ़ाने और 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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