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"एनीमिया जागरूकता जन-आंदोलन" में सरकार भी सहयोग के लिए तत्पर :डॉ मोहन यादव

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 161

डॉ एके द्विवेदी ने एनीमिया जागरूकता अभियान पर आधारित पुस्तक की पहली प्रति मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव जी को भेंट की

21 मार्च 2025। एनीमिया के विरुद्ध चलाया जा रहा जागरूकता अभियान अब एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। इस अभिनव पहल का नेतृत्व प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी कर रहे हैं, जिनके प्रयासों से यह अभियान अब तक 20 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है। भोपाल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डॉ. द्विवेदी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष "एनीमिया जागरूकता अभियान" की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा एनीमिया जागरूकता पर आधारित पुस्तक की पहली प्रति भी डॉ एके द्विवेदी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भेंट की । डॉ. द्विवेदी ने बताया कि इस अभियान के तहत सरकार द्वारा चलाए जा रहे एनीमिया एवं सिकल सेल से संबंधित बीमारी के रोकथाम और उपचार के प्रयासों को भी व्यापक रूप से प्रचारित एवं प्रकाशित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय प्रयास बताया। उन्होंने डॉक्टर द्विवेदी से इस दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहने के अनुरोध के साथ आश्वस्त किया कि इसके लिए सरकार भी सहयोग के लिए तत्पर है। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष के एनीमिया जागरूकता अभियान की शुरुआत मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने की थी।

इसके अंतर्गत विशेष रूप से तैयार “एनीमिया जागरूकता रथ” के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया गया। इसमें महिलाओं, बुजुर्ग और बच्चों एवं कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान देते हुए पोषण, स्वास्थ्य जांच और सरल जीवनशैली उपायों की जानकारी दी गई। अभियान के तहत “गुड़ और चना खाएं, हीमोग्लोबिन (रक्त) बढ़ाएं” जैसे अत्यंत सरल स्लोगन के जरिए लोगों को पारंपरिक एवं सुलभ पोषण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार एनीमिया केवल रक्त की कमी नहीं, बल्कि एक व्यापक स्वास्थ्य समस्या है, जो शरीर की ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक विकास और मातृ स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। डॉ. द्विवेदी का यह अभियान अब एक ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है, जिसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है। जनभागीदारी, पोषण, जागरूकता और सरल चिकित्सा संदेशों के माध्यम से यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही है। डॉ. द्विवेदी ने कहा कि उनका लक्ष्य “एनीमिया मुक्त समाज” का निर्माण करना है। इसके लिए वे निरंतर समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का उदाहरण है, बल्कि समाज और सरकार के सहयोग से एक स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की उम्मीद भी जगाता है।

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