×

स्कूल होंगे अपग्रेड, किसान कल्याण पर फोकस, जानें सीएम डॉ.मोहन ने कैबिनेट में क्या-क्या लिए फैसले?

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 183

राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी
मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना की निरंतरता को मंजूरी
शून्य प्रतिशत ब्याज दर को लेकर किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति

23 जून 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपयेकी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या-विधवा-परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रुपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है।

शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन
कैबिनेट ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुंच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मेपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी। राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।

किसानों के हित में अहम फैसला
कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी। इसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। योजना में राज्य शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष बेस रेट के साथ-साथ डयू डेट आदि का निर्धारण किया जाता है और निर्धारित बेसरेट में से भारत सरकार से प्राप्त होने वाली ब्याज सहायता को कम करते हुए शेष राशि राज्य शासन द्वारा ब्याज अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाती है जिससे कृषकों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण उपलब्ध होता है।

शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद, इस प्रकार कुल 17 पदों के सृजन और व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में विधि पाठ्यक्रम (एल एल बी तीन वर्षीय) एक संकाय के रूप में संचालित है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के 2008 के 'लीगल एजुकेशन रूल्स' के अनुसार मान्यता के लिए विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के स्थान पर पृथक शासकीय विधि महाविद्यालय में संचालित किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जा रहा है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अन्तर्गत 500 करोड़ रुपये से अधिक की संबंधित योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति का 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाये जाने का निर्णय लिया है।

Related News

Global News