1 अगस्त 2017। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ समाधान ऑनलाइन में लोक सेवाओं के प्रदाय में लापरवाही बरतने और समय-सीमा में लोगों की समस्याओं का हल नहीं करने के मामले में कई अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जो अधिकारी-कर्मचारी ईमानदारी से जनकल्याण का काम कर रहे हैं उन्हें सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत किया जायेगा लेकिन जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त पाये जायेंगे उन्हें सख्त सजा मिलेगी।
जनसमस्याओं के प्रति रहें संवेदनशील
अशोकनगर के गाँव पोसट के परमाल सिंह जाटव के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने विशेष प्रकरण मानते हुए उन्हें एमएससी में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिये। श्री जाटव ने बीएससी पाँचवे सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षा शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय श्योपुर से दी थी। उनकी परीक्षा के अंक उनकी अंकसूची में नहीं जोड़े गये थे। इस संबंध में कार्रवाई करते हुए श्री चौहान ने दोषी प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई करने के नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकारी अमला जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहे।
सतना जिले के किसान राघवेन्द्र पयासी ने सहकारी समिति बरसी को 48 क्विंटल 40 किलो धान बेची थी, उसे भुगतान नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसमें भुगतान में विलंब को देखते हुये समिति के प्रबंधक और खरीदी केन्द्र प्रभारी को हटाने के निर्देश दिये। साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से कहा कि धान के अलावा गेहूँ एवं अन्य फसलों की खरीद के भुगतान में विलंब के प्रकरणों की विशेष छानबीन और इस संबंध में लापरवाही पाये जाने पर तत्काल कार्रवाई करें।
रायसेन जिले के शेहना गाँव के संजीव पटेल ने मिट्टी परीक्षण के लिये आवेदन किया था। उनका मिट्टी परीक्षण नहीं किया गया और उन्हें मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट भी नहीं दी गई। इसे गंभीरता से लेते हुये मुख्यमंत्री ने तत्कालीन उपसंचालक कृषि विभाग को निलंबित करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
अनूपपुर जिले के देवहरा गाँव के अंजनी प्रसाद तिवारी ने शिकायत की कि आदिवासी बालक छात्रावास के लिये उसने अपना भवन किराये पर दिया था लेकिन किराये की राशि का भुगतान नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुये मुख्यमंत्री ने आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त के विरूद्ध कार्रवाई करते हुये तत्काल वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये और भुगतान में देरी के लिये जिम्मेदार लेखापाल पर भी सख्त कार्रवाई करने को कहा।
पन्ना के पाली गाँव की सुश्री रेखा सिंह ने मुख्यमंत्री को आवास भत्ते की राशि का भुगतान नहीं मिलने की शिकायत की थी। कलेक्टर पन्ना ने बताया कि 28 जुलाई को भुगतान हो गया है। मुख्यमंत्री ने विलंब के लिये दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

समय-सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं करने पर कई अधिकारी-कर्मचारी हुए निलंबित
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 18248
Related News
Latest News
- EU का एज-वेरिफिकेशन ऐप विवादों में, Pavel Durov ने बताया “निगरानी का औज़ार”
- '...जनता देगी जवाब,' महिला सशक्तिकरण बिल पास न होने पर कांग्रेस पर बरसे सीएम डॉ. मोहन
- टीईटी को लेकर संवेदनशील सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई पुनर्विचार याचिका
- आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- इंडियाएआई ग्लोबल एक्सेलरेशन प्रोग्राम: दूसरे बैच के लिए 10 भारतीय स्टार्टअप्स का चयन
Latest Posts














