19 जून 2018। मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार देने के लिये उनके माध्यम से 4500 खाद विक्रय खुलवाये जायेंगे। इन केंद्रों को खोलने के लिये युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। इन विक्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों को राज्य विपणन संघ यानि मार्कफेड द्वारा रासायनिक उर्वरक की आपूर्ति की जायेगी।
इस नवीन व्यवस्था के तहत इन विक्रय केंद्रों हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के बीएससी एग्रीकल्चर एवं बीएससी केमेस्ट्री के बेरोजगार युवाओं का चयन किया जायेगा। चयनित युवकों को उर्वरक विक्रय हेतु लायसेंस दिलवाया जायेगा। चयनित युवकों से मार्कफेड अनुबंध करेगा और उन्हें खाद दूत बनायेगा। इन विक्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराया जायेगा।
एक खद विक्रय केंद्र की लागत 4 लाख 1 हजार रुपये आंकी गई है। इसमें से 80 हजार रुपये चयनित युवा को अपने पास से स्वयं लगाना होगी जबकि 2.21 लाख रुपये मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से बैंक ऋण के रुप में उपलब्ध कराई जायेगी। शेष एक लाख रुपये का अनुदान राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। इन विक्रय केंद्रों से चयनित युवाओं को मिलने वाले लाभ का भी आकलन किया गया है जिसके तहत प्रथम वर्ष में 1.76 लाख रुपये, द्वितीय वर्ष में 1.92 लाख रुपये, तृतीय वर्ष में 2.09 लाख, चतुर्थ वर्ष में 2.26 लाख रुपये तथा पंचम वर्ष में 2.45 लाख रुपये शुध्द आय होना बताया गया है।
सभी जिलों में खुलेंगे विक्रय केंद्र :
खाद विक्रय केंद्र सभी जिलों में खोले जायेंगे। इसके लिये इनकी जिलावार संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। जबलपुर में 70, सतना में 140, छिन्दवाड़ा में 143, छतरपुर में 104 तथा सिंगरौली जिले में 48 खाद विक्रय खोले जायेंगे। इसी प्रकार अन्य जिलों में भी संख्या तय की गई है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि अभी तक विपणन संघ सहकारी सोसायटियों के माध्यम से खाद का विक्रय कराता था परन्तु अब युवाओं को रोजगार देने के लिये 4500 खाद विक्रय खाले जाने की योजना बनाई गई है। इसके लिये चयनित युवा के पास आवश्यक अधोसंरचना होना जरुरी होगी तथा वह अपने इस विक्रय केंद्र से अन्य उत्पाद जैसे कैटल फीड आदि भी बेच सकेंगे।
? डॉ नवीन जोशी
प्रदेश में युवाओं को रोजगार देने 4500 खाद विक्रय खुलवाये जायेंगे
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 2602
Related News
Latest News
- भोपाल मेट्रो टनलिंग धीमी, सुरक्षा के लिए ‘दुर्गावती’ TBM की रफ्तार घटाई गई
- 'कोई ताकत कमल खिलने से नहीं...,' पश्चिम बंगाल में दहाड़े सीएम डॉ. मोहन, कुछ ऐसा रहा माहौल
- EU का एज-वेरिफिकेशन ऐप विवादों में, Pavel Durov ने बताया “निगरानी का औज़ार”
- '...जनता देगी जवाब,' महिला सशक्तिकरण बिल पास न होने पर कांग्रेस पर बरसे सीएम डॉ. मोहन
- टीईटी को लेकर संवेदनशील सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई पुनर्विचार याचिका
Latest Posts














