29 सितंबर 2019। प्रदेश में केंद्र सरकार और उसके उपक्रमों द्वारा निर्मित की जाने वाली सडक़ एवं अन्य निर्माण कार्यों में उपयोग की जाने वाली साधारण मिट्टी और मुरम पर अब रायल्टी नहीं देनी होगी। इस संबंध में राज्य सरकार ने 23 साल पुराने मप्र गौण खनिज नियम 1996 में नया संशोधन कर उसे प्रभावशील किया है।
दरअसल उक्त नियमों में प्रावधान है कि संबंधित जिले के कलेक्टर या अपर कलेक्टर केंद्र एवं राज्य सरकार और उसके उपक्रमों को उनके निर्माण कार्यों हेतु गौण खनिज के उत्खनन और परिवहन हेतु मंजूरी प्रदान कर सकेंगे परन्तु इसके लिये इन उपक्रमों से इन गौण खनिजों पर अग्रिम रायल्टी का भुगतान वसूला जायेगा। लेकिन अब इस प्रावधान में नया संशोधन कर दिया गया है कि राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के किसी विभाग या उपक्रम को प्रदेश में निर्मित की जाने वाली सडक़ या अन्य निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली साधारण मिट्टी तथा मुरम पर आदेश जारी कर रायल्टी के भुगतान से छूट प्रदान की जा सकेगी। लेकिन ऐसी छूट आगे जारी होने वाली निविदाओं के लिये जारी होगी नाकि पिछली निविदाओं पर। राज्य के खनिज संचालनालय के एक अधिकारी का कहना है कि केंद्र सरकार एवं उसके उपक्रम जनहित के निर्माण कार्य करती है, इसीलिये उसे गौण खनिज के अंतर्गत आने वाली साधारण मिट्टी और मुरम के उपयोग पर रायल्टी के भुगतान से छूट देने का नया प्रावधान किया गया है। इससे केंद्र सरकार व उसके उपक्रमों को रायल्टी का अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा।
डॉ. नवीन जोशी
23 साल पुराने नियम बदले
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1711
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