अब बेड एण्ड ब्रेक फास्ट योजना के अलावा
दो नवीन ग्राम स्टे और फार्म स्टे योजना भी
सौ करोड़ लगाने वाले निवेशक को 90 साल के लिये भूमि देने की नीति भी बनी
2 दिसंबर 2019। राज्य सरकार ने प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा पर्यटकों को सुविधायें देने के लिये तीन नवीन योजनायें जारी की हैं। इनमें बेड एण्ड ब्रेक फास्ट योजना, ग्राम स्टे योजना तथा फार्म स्टे योजना शामिल हैं।
इसके अलावा पर्यटन के क्षेत्र में सौ करोड़ रुपये या इससे अधिक का निवेश करने वाले को 90 साल के लिये भूमि लीज पर देने की नई नीति भी प्रभावशील की गई है। यह सब कुछ करने का मुख्य उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
बेड एण्ड ब्रेक फास्ट योजना पहले भी बनी थीं परन्तु अब इनमें बदलाव कर दिया है जबकि ग्राम स्टे या फार्म स्टे योजना नई हैं।
एमपी टूरिज्म बोर्ड करेगा पंजीयन :
इन चारों योजनाओं में पंजीयन करने का काम एमपी टूरिज्म बोर्ड करेगा तथा योजना की शर्तों के उल्लंघन पर वह पंजीयन निरस्त भी कर सकेगा। बोर्ड के निर्णय के खिलाफ पर्यटन मंत्री के पास अपील की जा सकेगी।
तीनों योजनाओं में ये हैं प्रावधान :
बेड एण्ड ब्रेक फास्ट, ग्राम स्टे तथा फार्म स्टे योजना में कोई भी व्यक्ति अपने आवास का दो तिहाई भाग पर्यटकों के ठहरने हेतु रख सकेगा तथा ये पर्यटक आवास एक या अधिकतम छह हो सकेंगे। बेड एण्ड ब्रेक फास्ट योजना में पंजीयन शुल्क 2 हजार रुपये होगा तथा यह पंजीयन तीन साल तक वैध रहेगा। इसके बाद पुन: दो हजार रुपये देकर उसका नवीनीरकरण कराया जा सकेगा।
ग्राम स्टे योजना में पंजीयन शुल्क एक हजार रुपये होगा और तीन साल तक पंजीयन वैध रहेगा तथा इसके बाद पुन: एक हजार रुपये देकर नवीनीकरण कराया जा सकेगा। फार्म स्टे योजना नगरीय निकायों की सीमा के बाहर स्थित फार्म हाउसों के लिये है जिसके लिये पंजीयन शुल्क 5 हजार रुपये रखा गया है एवं पंजीयन तीन साल वैध रहेगा जिसे पुन: 5 हजार रुपये देकर नवीनीकृत कराया जा सकेगा। फार्म स्टे योजना में साहसिक पर्यटन एवं स्वीमिंग पुल भी हो सकेंगे। संपूर्ण फार्म हाउस को पर्यटकों के लिये रखा जा सकेगा। तीनों योजनाओं में फूड तथा रेस्टोरेंट लायसेंस लेना आवश्यक नहीं होगा।
यह दिया जायेगा प्रोत्साहन :
तीनों योजनाओं में एमपी टूृरिज्म बोर्ड प्रोत्साहन राशि भी देगा। ब्रोशर प्रिंटिंग हेतु एक बार के लिये दस हजार रुपये, वेबसाईट निर्माण हेतु दस हजार रुपये तथा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन शो में भाग लेने हेतु 50 हजार रुपये दिये जायेंगे। पंजीयन के पहले साल बाद 50 पर्यटकों के निवास पर 15 हजार रुपये, दूसरे साल के बाद 75 पर्यटकों के निवास पर 20 हजार रुपये तथा तीसरे वर्ष के उपरान्त सौ पर्यटकों के निवास पर 25 हजार रुपये अनुदान में दिये जायेंगे। तीनों योजनाओं में स्व सहायता समूह एवं पंजीकृत सहकारी समितियों को भी ऐसे आवास बनाने पर पंजीयन दिया जायेगा।
मिलेगा 90 साल के लिये भूमि :
राज्य सरकार ने पर्यटन नीति में भी बदलाव किया है। अब अल्ट्रा मेगा परियोजना हेतु बिना अतिक्रमण वाली अपेक्षित भूमि एक प्रतिशत वार्षिक लीज रेंट पर 90 साल के लिये दी जायेगी तथा हर तीस साल बाद लीज रेंट में 6 गुना वृध्दि की जायेगी। आवेदक कंपनी का पिछले तीन साल में टर्न ओवर डेढ़ सौ करोड़ रुपये होना जरुरी होगा। नेटवर्थ सौ करोड़ रुपये होना आवश्यक होगा। पांच साल के अंदर परियोजना पूरी करना होगी।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने तीन नवीन योजनायें प्रारंभ की हैं जिससे पर्यटन की गतिविधियां बढ़ सकें एवं देशी-विदेशी पर्यटकों को सस्ती दरों पर निवास मिल सकें। इसके अलावा बड़ी पर्यटन योजनाओं के लिये 90 साल के लिये भूमि देने का भी प्रावधान किया गया है।
?डॉ. नवीन जोशी
प्रदेश में पर्यटन एवं पर्यटकों को बढ़ावा देने नई योजनायें प्रभावशील
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1580
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