भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 10 से 12 जनवरी तक

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 338

Bhopal: सोसाइटी फॉर कल्चर एंड एनवायरमेंट द्वारा परिकल्पित है यह महोत्सव
शशि थरूर समेत लगभग 80 प्रख्यात लेखक होंगे शामिल
संस्कृति, पर्यावरण, राजनीति, विज्ञान, समकालीन मामलों, प्रबंधन, साहित्य और इतिहास पर होगा 56 ज्ञान सत्रों का आयोजन
शिक्षा, प्रबंधन, नेतृत्व और नवाचार पर भी बौद्धिक सत्रों का आयोजन
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात गीता चंद्रन 'हमारे जीवन में अभिनय' के महत्व को बतायेंगी

भोपाल, 10 दिसम्बर 2019। सोसाइटी फॉर कल्चर एंड एनवायरमेंट की पहल पर साहित्य और कला के अप्रतिम रंगों की छाप भोपाल साहित्य और कला (बी.एल.एफ) महोत्सव का दूसरा संस्करण तहजीबों की महक लिए झीलों और शिखरों के सुरम्य धरती भोपाल के भारत भवन में 10-12 जनवरी, 2020 के बीच आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव के जरिये साहित्य और कला के रंगों की महक के बेमिसाल सिलसिलों का ताना बाना बुना जायेगा।

उक्त आशय की जानकारी आज आयोजित एक पत्रकार वार्ता में फेस्टीवल आयोजन समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष राघव चन्द्रा एवं संयोजिका श्रीमती मीरा दास ने दी। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव में विभिन्न 56 ज्ञान सत्रों में लगभग 80 लेखक, प्रतिष्ठित साहित्यकार और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग संस्कृति, पर्यावरण, राजनीति, समकालीन विषयों, प्रबंधन, साहित्य और इतिहास आदि पर चर्चा करेंगे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ इस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वर्ष 2019 में अंग्रेजी भाषा में सर्वश्रेष्ठ फिक्शन राइटिंग के लिए सुशीला देवी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। साथ ही एंथनी डी सा के नए कहानी संग्रह वन फाॅर साॅरो, टू फाॅर जाॅय का विमोचन भी इस दौरान होगा।

श्री राघव चंद्रा ने कहा कि बीएलएफ महोत्सव में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के खराब प्रबंधन के कारण हमारे सामने आने वाली चुनौतियों के मद्देनजर पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण पर बात करने के लिए प्रख्यात पर्यावरणविद आयेंगे। इनमें मैग्सेसे पुरस्कार विजेता एवं प्रख्यात जल संरक्षक राजेंद्र सिंह, वेस्ट रिडक्शन बॉडी चिंतन की संस्थापक भारती चतुर्वेदी जिन्हें जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय द्वारा नॉलेज ऑफ द वर्ल्ड से पुरस्कृत किया गया है एवं प्रसिद्ध पुस्तक द क्लाइमेट सॉल्यूशन के लेखक मृदुला रमेश, पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश प्रमुख हैं। इसके साथ ही प्रमुख वक्ता के रूप में भारतीय आर्थिक विकास संस्थान की प्रोफेसर अमिता बाविसकर, कर्नाटक में भारत का पहला निजी वन्य जीव अभयारण्य शुरू करने वाली पामेला मल्होत्रा, बाघ संरक्षण के लिए उल्लेखनीय काम करने वाले डॉ. रघु चुंडावत, अशोक विश्वविद्यालय के लिबरल आर्ट्स एंड एन्वायरमेंट फैकल्टी के प्रमुख प्रो. महेश रंगराजन, पर्यावरण इतिहास के प्रमुख लेखक और भारतीय विद्यापीठ इंस्टिट्यूट ऑफ एन्वाइरन्मेन्ट एजुकेशन एवं रिसर्च के निदेशक प्रो. एरच बरूचा के महत्वपूर्ण वक्तव्य होंगे।

बीएलएफ महोत्सव में संसद सदस्य एवं प्रख्यात लेखक शशि थरूर भी आमंत्रित हैं, जो अपनी पुस्तक व्हाई आई एम ए हिंदू पर चर्चा करेंगे। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मामलों में पूर्व विदेश सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री शिव शंकर मेनन भारत की विदेश नीति की जटिलताओं पर बात करेंगे। श्री प्रदीप बैजल हमारे शक्तिशाली पड़ोसी चीन से संबंधी बात करेंगे। जबकि सुश्री मिनी वैद्य भारत के अंतरिक्ष मिशन एवं मंगल मिशन और उसके भविष्य के बारे में बात करेंगी।

'भारतीय उच्च न्यायपालिका स्वतंत्र और जवाबदेह है या नहीं' इस विषय पर चर्चा करने के लिए कानून विशेषज्ञ अर्घ्य सेनगुप्ता महोत्सव में आ रहे हैं। जबकि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला भारत में चुनावों के बारे में चर्चा करेंगे। प्रख्यात पत्रकार एके भट्टाचार्य इस बात पर चर्चा करेंगे कि भारत ने अपनी वास्तविक क्षमता हासिल की है या नहीं। कश्मीर की अद्वितीय विरासत और उससे जुड़े मुद्दों के संरक्षण के बारे में बात करने के लिए सलीम बेग भोपाल आ रहे हैं। डॉ. दीदार सिंह सफल आईटी प्रमोटर संजीव श्रिया और अनुराग श्रीवास्तव के साथ भविष्य की दुनिया में काम के भविष्य पर चर्चा करेंगे। जबकि, यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष दीपक गुप्ता लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी के निदेशक डॉ. संजीव चोपड़ा के साथ सिविल सेवा के भविष्य पर चर्चा करेंगे।
सोसाइटी फॉर कल्चर एंड एनवायरमेंट की और से आयोजित प्रेस वार्ता में सचिव और बी.एल.एफ का संयोजन कर रही श्रीमती मीरा दास बी.एल.एफ.की ने बताया कि, अपने समय में भारत और विश्व के इतिहास पर प्रभाव डालने वाले राजनीतिक व्यक्तित्व वीर सावरकर, सुभाष चंद्र बोस और मार्टिन लूथर किंग पर बात करने के लिए ऐसे विद्वानों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिन्होंने कई वर्षों तक इनके जीवन पर शोध किया है।

शिक्षा, प्रबंधन, नेतृत्व और नवाचार पर भी बौद्धिक सत्रों का आयोजन है। इन सत्रों में आने वाले अथिति विद्वान हैं- चॉकलेट बनाने वाली प्रसिद्ध कम्पनी फेरारो के एशिया के निदेशक एवं प्रबंधक संचालक स्टेफानो पेले जोकि कॉर्पोरेट लर्निंग पर बात करेंगे। सफल उद्यमी, हड़प्पा, प्रलय और काशी जैसी पुस्तकों के लेखक विनीत बाजपाई सफल 30 सीईओ के बारे में बात करेंगे। पूर्व वायु सेना अधिकारी नितिन साठे बतायेंगे कि गंभीर विकलांगता को पराजित करके कैसे शीर्ष पर पहुंचना संभव है।
उपन्यास की लेखन शैली और कथानक पर बात करने के लिए प्रख्यात लेखक अश्विन सांघी महोत्सव में शामिल हैं। इस दौरान टीनो डे सा की कहानियों के सुरुचिपूर्ण संग्रह की चर्चा होगी, डिस्राॅबिंग आॅफ द्रौपदी और राघव चंद्रा की प्रशासनिक सेवाओं में जाति के बारे में प्रशंसित उपन्यास 'काली डाॅटर' पर भी चर्चा होगी। तीन दिवसीय महोत्सव में शामिल होने वाले अन्य प्रख्यात लेखक एवं व्यक्तित्व हैं- उषा नारायणन, प्रीति गिल, नूर जहीर, एस वेंकटेश, हरिनी श्रीनिवास, पार्वती शर्मा, स्वप्ना लिडल, जेनिस पैरियाट, मिहिर श्रीवास्तव, साधना शंकर, डॉ. सुशील त्रिवेदी, यशोधरा मिश्रा, मंजूर एहतिशाम, ममता कालिया, प्रियंवद, अखिलेश, राजेश जोशी, अरुण कमल, मंगलेश डबराल, राजेंद्र शर्मा, लीलाधर जागुडी, नवल शुक्ला, वीरू सोनकर, उमाशंकर चैधरी, विवेक निराला, डॉ. राधा बल्लभ त्रिपाठी, कृष्णमोहन, अशोक वाजपेयी, अपूर्वानंद, सुधीश पचैरी, संदीप दीक्षित, राजीव प्रताप रूडी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात गीता चंद्रन 'हमारे जीवन में अभिनय' के महत्व पर व्याख्यान देंगी। वहीं, अचल मेहरा 'हमारे जीवन में योग के महत्व' विषय पर व्याख्यान देंगी और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं पर भी चर्चा करेंगी।

प्रदर्शनी - इस तीन दिवसीय महोत्सव में राजेश और नरेश बेदी की पुरस्कृत तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ वे वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीव फोटोग्राफी के विषय के बारे में भी बात-चीत करेंगे। प्रसिद्ध वीजे मारिया गोरेट्टी द्वारा कुकरी पर एक सत्र होगा, जिन्होंने प्रसिद्द पुस्तक 'फ्रॉम माय किचन टू योर किचन' लिखी है। हमेशा की तरह, फेस्टिवल में कुछ पुस्तकों का विमोचन भी होगा। इस महोत्सव के लिए हमारे साथी मप्र सरकार और राष्ट्रीय साहित्य अकादमी हैं।
महोत्सव का समापन समारोह 12 जनवरी शाम आयोजित होगा, जिसमें केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री प्रहलाद पटेल बतौर मुख्य अथिति उपस्थित होंगे।

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