10 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत और वित्तीय निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई।
2030-31 तक योजनाओं की निरंतरता, 7,133.17 करोड़ रुपये स्वीकृत
मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख योजनाओं की निरंतरता के लिए कुल 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी।
इसमें जनजातीय कार्य विभाग की पीवीटीजी आहार अनुदान योजना (2,350 करोड़), एकीकृत छात्रावास योजना (1,703.15 करोड़), सीएम राइज स्कूल योजना (1,416.91 करोड़), आवास सहायता योजना (1,110 करोड़) तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल शुल्क प्रतिपूर्ति, एससी-एसटी छात्रवृत्ति और कक्षा 9वीं छात्रवृत्ति के लिए 522.08 करोड़ रुपये शामिल हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31.03 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: विद्युतीकरण को गति
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 63,077 अविद्युतीकृत घरों और 650 शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366.72 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसमें केंद्र का अनुदान 220.03 करोड़ और राज्य का अंश 146.69 करोड़ रुपये है।
साथ ही, 8,521 दूरस्थ घरों के ऑफ-ग्रिड (सोलर + बैटरी) विद्युतीकरण के लिए लगभग 97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। जहां प्रति घर लागत 2 लाख रुपये से अधिक होगी या बसाहट पांच घरों से कम होगी, वहां ऑफ-ग्रिड व्यवस्था लागू की जाएगी।
न्यायालयों के आईटी कर्मियों को आयु सीमा में एकमुश्त छूट
उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए एक बार पांच वर्ष की आयु सीमा छूट देने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में आयु सीमा अनारक्षित वर्ग के लिए 40 और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष है।
मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 2026 को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 और पेंशन सारांशीकरण नियम 2026 को मंजूरी दी। नए नियमों से प्रक्रियाएं सरल होंगी और मामलों का समयबद्ध निराकरण संभव होगा।
परिवार पेंशन के पात्र सदस्यों में अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा उपदान के संदाय नियम 2026 को भी स्वीकृति दी। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे।
नए प्रावधानों में अभिदाता की मृत्यु पर परिवार पेंशन, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, ई-सेवा पुस्तिका, केंद्र और राज्य की पूर्व सेवाओं का समायोजन, निलंबन अवधि में अंशदान और सेवानिवृत्ति व मृत्यु की स्थिति में स्पष्ट निकास प्रक्रिया शामिल है।
एनपीएस के अंतर्गत आने वाले शासकीय सेवकों के लिए उपदान भुगतान की पारदर्शी व्यवस्था तय की गई है, साथ ही विभागीय जांच की स्थिति में वसूली और राज्य शासन को नियमों में शिथिलीकरण का अधिकार भी दिया गया है।
कुल मिलाकर, यह बैठक सामाजिक कल्याण, ऊर्जा पहुंच और सेवा शर्तों में सुधार की दिशा में साफ और ठोस संकेत देती है।














