राज्य सरकार ने जारी किया मार्गदर्शन, दोनों एक ही हैं..
1 जनवरी 2020। राज्य सरकार को भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 107 के संबंध में मार्गदर्शन जारी करना पड़ा है। कुछ कलेक्टरों ने सवाल उठाया था कि उक्त संहिता में वर्ष 2018 में जो संशोधन किया गया है उसमें सिर्फ ग्राम के नक्शे का प्रावधान है न कि खेत के नक्शे का। इससे उन्हें ऐसे मामलों में आदेश जारी करने में दिक्कतें आ रही हैं। इसी कारण से सरकार को उन्हें यह मार्गदर्शन जारी कर कहना पड़ा है कि खेत का नक्शा और ग्राम का नक्शा वस्तुत: एक ही है।
उल्लेखनीय है कि भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 107 में खेत के नक्शे का उल्लेख था जिसे वर्ष 2018 में संशोधित कर ग्राम के नक्शे, आबादी के नक्शे, ब्लाक के नक्शे और नगरीय क्षेत्रों में सेक्टर के नक्शे में बदल दिया गया। ऐसे में गुना जिले के कलेक्टर ने राज्य शासन से मार्गदर्शन चाहा कि फिर खेत के नक्शे कहां गया। राज्य के राजस्व विभाग ने अब इस पर मार्गदर्शन जारी कर कहा कि ग्राम या सेक्टर का नक्शा वस्तुत: खेत का ही नक्शा है और दोनों में कोई विभेद नहीं है। धारा 107 में सभी प्रावधान परिष्कृत रुप से रखे गये हैं। ग्राम या सेक्टर के नक्शे से ही किसान अपने खेत का नक्शा चिन्हित कर उसे निकलवा सकता है क्योंकि उसमें सभी खेतों की जानकारी रहती है।
भू-अभिलेख में गलती भी सुधारी जा सकेगी :
राजस्व विभाग ने यह भी मार्गदर्शन दिया है कि भू-अभिलेखों में गलत या अशुध्द प्रविष्टि को भी सुधारा जा सकता है। धारा 115 में के तहत सब डिविजनल आफिसर यानि उपखण्ड अधिकारी भू-अधिकार पुस्तक तथा अधिकार अभिलेख को छोडक़र अन्य अभिलेखों में सुधार कर सकता है। जबकि अधिकार अभिलेख में कलेक्टर को तथा भू-अधिकार पुस्तक में सुधार का अधिकार तहसीलदार को है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2018 में संशोधित किये गये भू-राजस्व संहिता में सभी प्रावधान स्पष्ट रुप से दिये गये हैं। चूंकि ये संशोधन नये हैं इसलिये इन्हें समझने में दिक्कतें आ सकती हैं। इसीलिये राजस्व विभाग को यह मार्गदर्शन सभी कलेक्टरों को जारी करना पड़ा है।
- डॉ. नवीन जोशी
ग्राम और खेत के नक्शे मेंं उलझे कलेक्टर....?
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 2238
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