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प्रदेश में क्षेत्रीय विमानन सेवायें और सस्ती हुईं..

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📍 Bhopal
प्रदेश में क्षेत्रीय विमानन सेवायें और सस्ती हुईं..
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत अब मप्र सरकार बिजली-पानी में रियायत देगी
17 मार्च 2020। प्रदेश में क्षेत्रीय विमानन सेवायें और सस्ती कर दी गई हैं। मप्र सरकार ने केन्द्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत एयरपोर्ट पर बिजली एवं पानी पर होने वाले व्यय में रियायत प्रदान कर दी है।
यह दी है रियायत :
राज्य सरकार ने भारत सरकार की नेशनल एविएशन पालिसी के तहत बनाई रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत नागरिक उड्डयन मंत्रालय एवं एयरपोर्ट अथारिटी आफ इण्डिया के मध्य 11 नवम्बर 2016 को हुये करारनामे में दिये उपबंध के तहत रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम यानि आरसीएस वाले राज्य में स्थित एयरपोर्ट पर बिजली एवं पानी पर होने वाले व्यय में यह रियायत दी है। अब प्रदेश के आरसीएस हवाई अड्डों पर बिजली एवं पानी के वास्तविक व्यय पर प्रथम दो आरसीरएस उड़ान हेतु 20 प्रतिशत तथा इसके उपरान्त प्रति आरसीएस उड़ान पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राज्य सरकार प्रदान करेगी। लेकिन अनुदान की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत तक ही होगी। निर्धारित अनुदान की प्रतिपूर्ति राज्य का विमानन संचालनालय सीधे बिजली कंपनी एवं पेयजल हेतु संबंधित निकाय को करेगा।
अनुदान से यह फर्क पड़ेगा :
बिजली एवं पानी में रियायत देने से यह फर्क पड़ेगा कि आरसीएस के तहत विमान संचालित करने वाली कंपनियों को एयरपोर्ट पर लैंडिंग एवं पार्किंग हेतु कम शुल्क देना होगा। आरसीएस उड़ान हेतु वर्तमान में प्रदेश का ग्वालियर एयरपोर्ट अधिसूचित है तथा यहां से छह आरसीएस उड़ाने संचालित होती हैं। इन छह उड़ानों पर अब बिजली एवं पानी में 40 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकेगा।
वैट एवं वीजीएफ की पहले से है रियायत :
आरसीएस उड़ानों के लिये राज्य सरकार ने वैट एवं वायबिलिटी गैप फण्डिंग यानि वीजीएफ हेतु पहले से ही रियायतें दी हुई हैं। राज्य के ग्वालियर, जबलपुर एवं खजुराहो में विमानन ईंधन यानि एविएशन टरबाईन फ्यूल पर वैट 4 प्रतिशत लिया जाता है जबकि भोपाल एवं इंदौर एयरपोर्ट पर यह वैट अभी 25 प्रतिशत है। शेष विमानतलों पर यह वैट एक प्रतिशत है। वीजीएफ के तहत राज्य सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष में साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान एयरपोर्ट अथारिटी आफ इण्डिया को किया हुआ है। वीजीएफ उस स्थिति में दिया जाता है जबकि आरसीएस उड़ाने बिना यात्री के या कम यात्रियों के जायें अर्थात उसकी सीटें खाली रहें।
भोपाल में भी होगा एटीएफ सस्ता :
राज्य के विमानन संचालनालय ने राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग को प्रस्ताव भेजा है कि वह भोपाल एयरपोर्ट पर भी एटीएफ पर वैट 25 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दे। इससे यहां से संचालित होने वाली विमानन सेवायें सस्ती हो सकेंगी। जल्द ही वाणिज्यिक कर विभाग इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी करेगा।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में विमानन सुविधायें बढ़ें और सस्ती हों, इसके लिये आरसीएस हवाई अड्डों के लिये बिजली एवं पानी में अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। भोपाल से भी आरसीएस उड़ानें शुरु होंगी तथा इसके लिये एटीएफ पर वैट घटाने का प्रस्ताव है।



- डॉ. नवीन जोशी
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