11 अप्रैल 2020। प्रदेश में कोरोना पाजिटिव मृतकों का न ही पोस्टमार्टम होगा और न ही उनका देहदान एवं अंग दान होगा। यदि कोई कोरोना पाजिटिव मृतक का केस ऐसा है कि उसमें मेडिकोलीगल औपचारिकतायें पूर्ण करना जरुरी है, तो ही निर्धारित एहतियात बरत कर उसका पोस्टमार्टम किया जायेगा।
केंद्र की है गाईडलान :
केंद्र सरकार की गाईडलाईन है कि कोरोना पाजीटिव मृतक को बिल्कुल न छुआ जाये तथा उसका सीधे अंतिम संस्कार किया जाये। अंतिम संस्कार भी जलाकर किया जाना उचित होगा।
केस हिस्ट्री देख रहे हैं मृतकों की :
हाल ही में प्रदेश के इंदौर, भोपाल आदि शहरों में कोरोना से कुछ व्यक्ति मारे गये हैं। इनकी केस हिस्ट्री के हिसाब से यह तय किया गया है कि इनके पोस्टमार्टम की जरुरत नहीं है क्योंकि ये कोविड बीमारी के इलाज के दौरान मरे हैं।
संचालक मेडिकोलीगल संस्थान भोपाल डा. अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि हम लोग बिना कोविड वाले मृतकों का तो पोस्टमार्टम कर रहे हैं परन्तु कोविड मृतक कार पोस्टमार्टम नहीं कर रहे हैं क्योंकि केंद्र की गाईडलाईन के हिसाब से उनके शवों को हाथ भी नहीं लगाना है तथा इन शवों का सीधे अंतिम संस्कार किया जाना है। यदि किसी मृतक का मेडिकोलीगल केस है और उसे कोविड है तो उसका पोस्टमार्टम एहतियात अपनाते हुये किया जायेगा। परन्तु अभी तक ऐसा कोई केस नहीं आया है। वैसे हमें पीपीई किट भी नहीं दी गई है जबकि हमने इसकी मांग की हुई है। पोस्टमार्टम हेतु सेनीटाईजर की व्यवस्था पहले से हमारे पास उपलब्ध है।
एनाटामी एम्स भोपाल की डा. सुनीता का कहना है कि कोविड मृतक का न ही देहदान हो सकता है और न ही अंगदान क्योंकि ऐसे मृतक की पूरी बाडी में कोरोना वायरस रहते हैं।
- डॉ. नवीन जोशी
कोरोना पाजिटिव मृतक का न पोस्टमार्टम होगा और न ही देह एवं अंग दान
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Bhopal 👤By: DD Views: 847
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