अब नई समितियां बनाई जायेंगी
23 अप्रैल 2020। नये एक्शन के तहत मप्र विधानसभा की सभी समितियां भंग कर दी गई हैं। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने सभी विधायकों को सूचना जारी कर दी।
यह कहा गया सूचना में :
प्रमुख सचिव श्री सिंह द्वारा सूचना में कहा गया है कि विधानसभा की वर्ष 2019-20 तथा वर्ष 2019-21 की अवधि में सेवा करने के लिये तत्समय विधायक दलों की सदस्य संख्या के अनुपात में गठित समितियों में विधायकों को सदन में उनके दलों की प्रभावी सदस्य संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया था। वर्तमान परिपे्रक्ष्य में मप्र विधानसभा में विभिन्न विधायक दलों की प्रभावी संख्या में परिवर्तन हो गया है। इसलिये समस्त विधानसभा समितियां पुनर्गठन होने तक की अवधि तक के लिये विघटित रहेंगी।
इन समितियों का गठन हुआ था :
नाम निर्दिष्ट समितियों के अंतर्गत 8 जनवरी 2019 को स्पीकर के सभापतित्व में कार्यमंत्रणा समिति का गठन हुआ था। 12 जून 2019 को 14 अन्य नामनिर्दिष्ट समितियों का गठन हुआ जिसमें शामिल थीं : गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति, याचिका समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, विशेषाधिकार समिति, नियम समिति, सदस्य सुविधा समिति, पुस्तकालय-अनुसंधान एवं सन्दर्भ समिति, पटल पर रखे गये पत्रों का परीक्षण समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, आचरण समिति, कृषि विकास समिति, महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति तथा मप्र राज्य सहकारी आवास संघ भोपाल की विधायकों/सांसदों हेतु रचना नगर भोपाल स्थित बहुमंजिला आवासीय प्रकोष्ठ योजना के क्रियान्वयन के पर्यवेक्षण हेतु आवास समिति। इसके बाद 5 अगस्त 2019 को तीन नाम निर्दिष्ट समितियों यथा कार्यमंत्रण समिति, सदस्य सुविधा समिति तथा आवास समिति में संशोधन किया गया।
इसी प्रकार, निर्वाचित पांच विधानसभा समितियों के अंतर्गत 21 फरवरी 2019 को लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति, सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति, अजाजजा एवं ओबीसी कल्याण समिति तथा स्थानीय निकाय एवं पंचायतीराज लेखा समिति का गठन किया गया। 26 अगस्त 2019 को प्रवर समिति का गठन किया गया। 15 मार्च 2020 को पुन: कार्यमंत्रण समिति का गठन किया। अब इन सभी समितियों को भंग कर दिया गया है तथा नई समितियों का गठन किया जायेगा।
विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि सभी विधानसभा समितियों का विघटन कर दिया गया है। महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति ही एकमात्र समिति है जिसका कार्यकाल वर्श 2021 था, शेष सभी समितियों का कार्यकाल 31 मार्च 2020 को खत्म हो गया था। इसके अलावा, सदन की समितियां सत्ताधारी दल के सदस्यों के अनुपात में बनाई जाती हैं, इसीलिये यह विघटन किया गया है। अब नई समितियां अगले सत्र में बनाई जायेंगी।मप्र विधानसभा की सभी समितियां भंग
अब नई समितियां बनाई जायेंगी
डॉ. नवीन जोशी
भोपाल।नये एक्शन के तहत मप्र विधानसभा की सभी समितियां भंग कर दी गई हैं। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने सभी विधायकों को सूचना जारी कर दी।
यह कहा गया सूचना में :
प्रमुख सचिव श्री सिंह द्वारा सूचना में कहा गया है कि विधानसभा की वर्ष 2019-20 तथा वर्ष 2019-21 की अवधि में सेवा करने के लिये तत्समय विधायक दलों की सदस्य संख्या के अनुपात में गठित समितियों में विधायकों को सदन में उनके दलों की प्रभावी सदस्य संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया था। वर्तमान परिपे्रक्ष्य में मप्र विधानसभा में विभिन्न विधायक दलों की प्रभावी संख्या में परिवर्तन हो गया है। इसलिये समस्त विधानसभा समितियां पुनर्गठन होने तक की अवधि तक के लिये विघटित रहेंगी।
इन समितियों का गठन हुआ था :
नाम निर्दिष्ट समितियों के अंतर्गत 8 जनवरी 2019 को स्पीकर के सभापतित्व में कार्यमंत्रणा समिति का गठन हुआ था। 12 जून 2019 को 14 अन्य नामनिर्दिष्ट समितियों का गठन हुआ जिसमें शामिल थीं : गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति, याचिका समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, विशेषाधिकार समिति, नियम समिति, सदस्य सुविधा समिति, पुस्तकालय-अनुसंधान एवं सन्दर्भ समिति, पटल पर रखे गये पत्रों का परीक्षण समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, आचरण समिति, कृषि विकास समिति, महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति तथा मप्र राज्य सहकारी आवास संघ भोपाल की विधायकों/सांसदों हेतु रचना नगर भोपाल स्थित बहुमंजिला आवासीय प्रकोष्ठ योजना के क्रियान्वयन के पर्यवेक्षण हेतु आवास समिति। इसके बाद 5 अगस्त 2019 को तीन नाम निर्दिष्ट समितियों यथा कार्यमंत्रण समिति, सदस्य सुविधा समिति तथा आवास समिति में संशोधन किया गया।
इसी प्रकार, निर्वाचित पांच विधानसभा समितियों के अंतर्गत 21 फरवरी 2019 को लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति, सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति, अजाजजा एवं ओबीसी कल्याण समिति तथा स्थानीय निकाय एवं पंचायतीराज लेखा समिति का गठन किया गया। 26 अगस्त 2019 को प्रवर समिति का गठन किया गया। 15 मार्च 2020 को पुन: कार्यमंत्रण समिति का गठन किया। अब इन सभी समितियों को भंग कर दिया गया है तथा नई समितियों का गठन किया जायेगा।
विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि सभी विधानसभा समितियों का विघटन कर दिया गया है। महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति ही एकमात्र समिति है जिसका कार्यकाल वर्श 2021 था, शेष सभी समितियों का कार्यकाल 31 मार्च 2020 को खत्म हो गया था। इसके अलावा, सदन की समितियां सत्ताधारी दल के सदस्यों के अनुपात में बनाई जाती हैं, इसीलिये यह विघटन किया गया है। अब नई समितियां अगले सत्र में बनाई जायेंगी।
- डॉ. नवीन जोशी
मप्र विधानसभा की सभी समितियां भंग
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Bhopal 👤By: DD Views: 819
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