मप्र सरकार ने किया पहली बार नया प्रावधान
10 मई 2020। मप्र सरकार ने पहली बार नया प्रावधान किया है। अब पुलिस थानों के सब इन्स्पेक्टर भी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के उल्लंघन वाले वाले मामलों की विवेचना कर उनके चालान न्यायालय में पेश कर सकेंगे। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण चल रहे लॉकडाऊन में पहली बार उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू किये गये हैं तथा इससे पहले इस मामले में चालान पेश करने के किसी को अधिकार नहीं दिये गये थे।
यह कहा गया है नये प्रावधान में :
राज्य के गृह विभाग ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत पुलिस थानों के प्रभारी जो सब इन्स्पेक्टर तक हो सकेंगे, को आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से धारा 59 के अंतर्गत पारित किये अपराधों के संबंध में अपनी आधिकारिता के न्यायालयों में परिवाद दायर करने के लिये प्राधिकृत अधिकारी के रुप में अधिकृत किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।
धारा 51 से लेकर धारा 59 में ये हैं प्रावधान :
केंद्र सरकार के आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से धारा 58 में कत्र्तव्य पालन बाधा डालने, मिथ्या दावे पेश करने, धन या सामग्री आदि के दुरुपयोजन,
मिथ्या चेतावनी, सरकारी विभागों द्वारा अपराध, अधिकारी की कत्र्तव्य पालन में असफलता या उसकी और से इस अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन के प्रति मौन रहने, किसी आदेश के उल्लंघन कंपनियों द्वारा अपराध पर दण्ड के प्रावधान हैं जिसमें जुर्माने एवं कारावास कराया जा सकता है। कारावास एक साल तक दिये जाने का प्रावधान है। धारा 59 में प्राधिकृत अधिकारी का प्रावधान है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम का पहली बार कोविड-19 के इस काल में व्यापक उपयोग हो रहा है। इस अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन पर मामले की विवेचना करने एवं न्यायालय में चालान पेश करने के लिये पुलिस थानों के सब इन्स्पेक्टर तक के पुलिस अधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है।
- डॉ. नवीन जोशी
सब इन्स्पेक्टर भी आपदा प्रबंधन कानून के तहत न्यायालय में चालान पेश कर सकेंगे
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Bhopal 👤By: DD Views: 787
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