24 अगस्त 2020। प्रदेश में नर्मदा जल के अधिकतम उपयोग हेतु इस साल शिवराज सरकार छह योजनाओं पर 12 हजार 279 करोड़ 30 लाख रुपये व्यय करेगी। इस हेतु उसने नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत नवीन बजट मद का प्रावधान कर दिया है। इन योजनाओं से 3 लाख 85 हजार 839 हैक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। साथ ही 50 मेगावाट जल विद्युत का उत्पादन भी होगा।
उल्लेखनीय है कि नर्मदा न्यायाधिकरण के अवार्ड के अनुसार निर्धारित नर्मदा जल का वर्ष 2024 तक प्रदेश में उपयोग किया जाना है। इसी के लिये छह नवीन परियोजनायें बनाई गई हैं। इन परियोजनाओं हेतु धनराशि की व्यवस्था नर्मदा घाटी विकास विभाग के उपलब्ध बजट से की जायेगी।
ये हैं स्वीकृत छह योजनायें :
एक, नरसिंहपुर/छिन्दवाड़ा जिले में शक्कर पेंच लिंक संयुक्त परियोजना जिस पर 1528.27 करोड़ रुपये व्यय होंगे और 95 हजार 839 हैक्टेयर में सिंचाई होगी। दो, राजगढ़/शाजापुर जिले में आईएसपी काली सिंध उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना फेज-2 पर 4497.52 करोड़ रुपये व्यय होंगे जिससे एक लाख हैक्टेयर में सिंचाई होगी। तीन, धार जिले में कुक्षी उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना पर 2144.14 करोड़ रुपये व्यय होंगे जिससे 75 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। चार, होशंगाबाद जिले में होशंगाबाद बैराज पर 550.62 करोड़ रुपये व्यय होंगे जिससे 25 मेगावाट बिजली उत्पादित होगी। पांच, हरदा जिले में हाण्डिया बैराज पर 1200 करोड़ रुपये व्यय होंगे जिससे 25 मेगावाट बिजली उत्पादित होगी। छह, इंदौर जिले में सांवरे उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना पर 2358.75 करोड़ रुपये व्यय होंगे जिससे 80 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।
- डॉ. नवीन जोशी
प्रदेश में शिवराज सरकार नर्मदा की छह योजनाओं पर खर्च करेगी 12 हजार करोड़
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Bhopal 👤By: DD Views: 1060
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