29 जिलों के मंदिरों से कोई आय न होना बताया
13 अप्रैल 2021। प्रदेश के 19 जिले ही ऐसे हैं जिनमें शासन द्वारा संधारित मंदिरों से 19 करोड़ 72 लाख 6 हजार 265 रुपये सालाना आय हुई है। जबकि प्रदेश के 29 जिलों में शासन द्वारा संधारित मंदिरों से सरकार को कोई आय नहीं होती है। यह जानकारी विधानसभा में प्रस्तुत प्रश्नों के पूर्ण उत्तर पुस्तिका में राज्य सरकार द्वारा अध्यात्म विभाग के माध्यम से प्रदान की है।
प्रदेश में 14 जिले ऐसे हैं जहां एक भी शासन संधारित मंदिर नहीं हैं। इन जिलों में शामिल हैं : हरदा, बैतूल, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, छिन्दवाड़ा, सिवनी, मण्डला, डिण्डौरी, नरसिंहपुर, खण्डवा, बुरहानपुर, भोपाल एवं दमोह। शेष 38 जिलों में शासन द्वारा संधारित मंदिरों की कुल संख्या 19 हजार 714 है। प्रदेश के जिन 19 जिलों में शासन संधारित मंदिरों से सरकार को सालाना आय होती है, उसमें शामिल हैं : उज्जैन, शाजापुर, आगर मालवा, रतलाम, नीमच, रीवा, सतना, सिंगरौली, मुरैना, होशंगाबाद, इंदौर, धार, रायसेन, विदिशा, गुना, दतिया, अशोक नगर, सागर एवं टीकमगढ़।
प्रदेश का मुरैना जिला ऐसा है जहां 752 शासन द्वारा संधारित मंदिरों से सर्वाधिक 7 करोड़ 58 लाख 73 हजार 425 रुपये सालाना आय हुई है। इसके बाद दूसरा स्थान दतिया जिले का है जहां के शासन संधारित 502 मंदिरों से सालाना 3 करोड़ 4 लाख 65 हजार 200 रुपये आय हुई। उज्जैन जिला तीसरे नंबर पर है जहां के 2572 मंदिरों से 3 करोड़ 63 हजार 715 रुपये आय हुई।
इसी प्रकार, सतना जिले के शासन द्वारा संधारित 92 मंदिरों से 27 लाख रुपये, रीवा जिले के 83 मंदिरों से 18 लाख रुपये, सिंगरौली जिले के 3 मंदिरों से 2 लाख 38 हजार रुपये तथा निवाड़ी जिले के 157 मंदिरों से 93 लाख 26 हजार रुपये सालाना आय हुई है।
- डॉ. नवीन जोशी
प्रदेश के शासन द्वारा संधारित 19 जिलों के मंदिरों से 20 करोड़ सालाना की आय
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Bhopal 👤By: DD Views: 1621
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