23 जुलाई 2021। प्रदेश की शिवराज सरकार ने खनिज विभाग के माध्यम से भारत सरकार की मैगनीज ओर इण्डिया लिमिटेड यानि मॉयल कंपनी को छिन्दवाड़ा और बालाघाट जिलों के 1337 वर्ग किमी में मैगनीज खनिज को जमीन में ढूंढने का प्रास्कपेक्टिव लायसेंस प्रदान कर दिया है। इस सरकारी कंपनी में मप्र सरकार की हिस्सेदारी 5.40 प्रतिशत अंश पूंजी की है। मैगनीज का उपयोग शुष्क बैटरी कौशिकाओं और रासायनिक उद्योगों के लिये डाइऑक्साइड बनाने में भी होता है।
छिन्दवाड़ा जिले की सौंसर तहसील में 487 वर्ग किमी में यह खनिज जमीन में ड्रिल कर ढूंढा जायेगा जबकि बालाघाट जिले की बालाघाट, बैहर एवं कटंगी तहसील में 850 वर्ग किमी क्षेत्र में इस खनिज की तलाश की जायेगी। इसमें ब्लाक-ए में 585 वर्ग किमी तथा ब्लाक-बी में 265 वर्ग किमी क्षेत्र शामिल है। बालाघाट में पहले से ही यह कंपनी मैगनीज का खनन कर रही है।
उक्त कंपनी को यह प्रास्कपेक्टिव लायसेंस तीन साल के लिये दिया गया है जिसमें दो साल की और वृध्दि हो सकेगी। मैगनीज मिलने पर इसकी सूचना कंपनी को सरकार को देनी होगी और त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार कार्यवाही करना होगी। यदि उक्त जिलों में कोई निजी भूमि पर मैगनीज ढूंढना है तो संबंधित भूमि स्वामती की अनुमति कंपनी को लेनी होगी। यदि भूमि वन क्षेत्र में है तो वन विभाग से एनओसी प्राप्त करना होगी। खनिज ढूंढने की प्रक्रिया शुरु करने के पहले जिला कलेक्टर को सूचना देना होगी।
- डॉ. नवीन जोशी
मॉयल कंपनी को मिला छिन्दवाड़ा एवं बालाघाट जिलों के 1337 वर्ग किमी में मैगनीज का प्रास्पेक्टिव लायसेंस
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Bhopal 👤By: DD Views: 1608
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