भोपाल 19 जनवरी 2022। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के जिलों में स्थापित महिला पुलिस थानों को महिलाओं से जुड़े सिर्फ 15 तरह के मामलों की ही दर्ज कर विवचेना करने के निर्देश दिये हैं।
इस संबंध में जारी परिपत्र में कहा गया है कि इन अपराधों की समीक्षा तथा पर्यवेक्षण महिला सुरक्षा शाखा द्वारा किया जाएगा । अति0 पुलिस अधीक्षक/उप पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध द्वारा इन्हीं अपराधों का डिजिटल डायजेस्ट संधारित किया जाएगा। महिला थानों में भी मात्र इन अपराधों का पंजीयन एवं विवेचना की जावेगी : एक, बलात्कार (बलात्कार के साथ हत्या, सामूहिक बलात्कार, बलात्कार का प्रयास
सहित)। दो, लैंगिक उत्पीडऩ (छेड़छाड़, लज्जा भंग, ताकझांक करना, पीछा करना। तीन, पोक्सो एक्ट के अंतर्गत समस्त अपराध। चार, अपहरण तथा व्यपहरण। पांच, मानव दुव्र्यापार। छह, एसिड अटैक (प्रयास सहित)। सात, अनैतिक व्यापार अधिनियम। आठ, दहेज हत्या। नौ, पति या पति के रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता।
दस, दहेज अधिनियम। ग्यारह, महिला को आत्महत्या के लिए प्रेरित करना। बारह, बाल विवाह। तेरह, भ्रुण हत्या-धारा 312 से 318 भादवि। चौदह, मुस्लिम महिला विवाह संरक्षण अधिनियम। पन्द्रह, घरेलु हिंसा अधिनियम।
पुलिस मुख्यालय ने परिपत्र में यह भी कहा है कि राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के भ्रमण अथवा समकक्ष बड़ी कानून व्यवस्था ड्यूटी को छोडकर, रोजमर्रा की कानून व्यवस्था में उप पुलिस अधीक्षक महिला अपराध की ड्यटी नहीं लगाई जावे।
डॉ. नवीन जोशी
महिला पुलिस थाने अब पन्द्रह तरह के मामलों को ही दर्ज करेंगे
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 2242
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