नर्मदा जल के पूर्ण उपयोग हेतु 8 प्रोजेक्ट के टेण्डर केबिनेट में मंजूरी के लिये आयेंगे

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 1858

Bhopal: भोपाल 5 फरवरी 2022। प्रदेश में राज्य सरकार ने विभिन्न परियोजनायें पूर्ण कर उसे आवंटित कुल 18.25 एमएएफ जल में से 14.55 एमएएफ जल का उपयोग कर लिया है जिससे 17 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है तथा वर्ष 2024 तक उसे शेष जल का उपयोग करना है। इसके लिये आठ प्रोजेक्ट के टेण्डर केबिनेट में मंजूरी के लिये भेजे जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स को वित्त विभाग ने भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इनमें तीन प्रोजेक्ट्स जल संसाधन के माध्यम से पूरे किये जायेंगे तथा शेष एनवीडीए के माध्यम से। इससे सिंचाई का रकबा बढक़र 39 लाख हैक्टेयर हो जायेगा।
प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 252 करोड़ रुपये लागत एवं सिंचाई क्षमता 98000 हेक्टेयर की 6 परियोजनाओं (भुरलाय, कोदवार, पुनासा विस्तार, छैगांवमाखन, अलीराजपुर, बिस्टान) के कार्य पूर्ण हो जाएंगे तथा सिंचाई प्रारंभ हो जाएगी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 3 हजार करोड़ रुपये लागत एवं सिंचाई क्षमता 1.62 लाख हेक्टेयर की 11 परियोजनाओं (किल्लौद, पामाखेड़ी, सिमरोल-अम्बाचंदन, अम्बारोडिया, चौंडी जमानिया, बलकवाड़ा, ढीमरखेड़ा, छीपानेर, जावर, नागलवाड़ी एवं रानी दुर्गावती) के कार्य पूर्ण किया जाना लक्षित है, इनसे नवम्बर 2022 से सिंचाई आरंभ होगी।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में पूर्ण किये जाने हेतु 30 हजार करोड़ रुपये लागत एवं सिंचाई क्षमता 9.49 लाख हेक्टेयर की 17 परियोजनाओं के कार्य जारी हैं जोकि वित्तीय उपलब्धता अनुसार चरणवार कार्य पूर्ण होंगे। बरगी व्यपवर्तन परियोजना की स्लीमनाबाद टनल की कुल लंबाई 11.95 किमी मे से 7.30 किमी टनल बन चुकी है, शेष 4.65 किमी जून 2023 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। माह अप्रैल 2021 से नवम्बर 2021 तक 2.056 किमी लक्ष्य के विरुद्ध 1.473 किमी टनल निर्मित हुई है एवं 0.583 किमी की कमी (शार्ट फाल) परियोजनाओं के कार्य लक्षित अवधि में पूर्ण करने हेतु विभागीय बजट बढ़ाया जायेगा एवं तकनीकी अमले की पूर्ति की जायेगी।
उक्त परियोजनाओं का स्वतंत्र मूल्यांकन हेतु अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल से मूल्यांकन शीघ्र पूर्ण कराया जाऐगा। बड़ी माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं की तकनीकी गुणवत्ता का मूल्यांकन आईआईटी रूडक़ी एवं आईआईएम अहमदाबाद से कराया जाऐगा।

- डॉ. नवीन जोशी

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