भोपाल 9 सितम्बर 2022, राज्य सरकार ने भोपाल में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में प्रस्ताव दिया है कि जिस प्रकार केंद्र सरकार की योजनाओं के लिये क्षतिपूरक गैर वन भूमि देने का प्रावधान नहीं है, उसी प्रकार की सुविधा राज्य सरकार की योजनाओं के लिये भी मिले। इस पर अब बैठक कार्यवाही विवरण आने के बाद पता चलेगा कि इस पर केंद्र सरकार ने क्या निर्णय लिया है।
दरअसल, केंद्र सरकार की योजनाओं के लिये जब वन भूमि ली जाती है तो उसके लिये उतनी ही गैर वन भूमि देने की बाध्यता नहीं है तथा इसके बदले में केंद्र सरकार सिर्फ बिगड़े वन क्षेत्रों में पौध रोपण के लिये नेट प्रेजेन्ट वेल्यु का दोगना भुगतान करती है। जबकि राज्य सरकार की योजनाओं में ली जाने वाली वन भूमि के बदले उतनी ही गैर वन भूमि तथा नेट प्रेजेन्ट वेल्यु का भुगतान करना होता है।
इसी प्रकार, बैठक में राज्य सरकार ने यह भी प्रतव दिया है कि नेट प्रेजेन्ट वेल्यु की राशि केंद्र सरकार के कैम्पा फण्ड में जमा होती है तथा राज्य सरकार को यह राशि लेने के लिये अपने प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने होते हैं। केंद्र राज्य सरकार से मिले कैम्पा फण्ड की राशि में से दस प्रतिशत राशि काट कर वापस राज्य सरकार को लौटाती है, चूंकि दस प्रतिशत का यह कटौत्रा ज्यादा है इसलिये इसे कम कर मात्र दो प्रतिशत किया जाये।
- डॉ. नवीन जोशी
केंद्र की तरह राज्य की योजनाओं के लिये भी मिले बिगड़े वनों में सुधार की सुविधा
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1009
Related News
Latest News
- उर्फी जावेद से तुलना ने डॉली जावेद को किया भावुक, इनसिक्योरिटी को लेकर खुलकर बोलीं
- राज्य में नागरिक-केंद्रित शासन की धुरी बनेगा एआई: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- MP-CERT ने एमपी सरकार की वेबसाइटों पर बड़ा साइबर हमला नाकाम किया
- भारत कंबाइंड रॉकेट–मिसाइल फोर्स के गठन पर विचार कर रहा है: सेना प्रमुख
- डबल इंजन सरकार से मध्यप्रदेश में विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू- 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति














