भोपाल 21 सितम्बर 2022। प्रदेश में इसी साल दिसम्बर तक सिंगल सिटीजन डाटाबेस बन जायेगा। यह कार्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग कर रहा है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विभागीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट तौर पर कहा है कि हर हाल में दिसम्बर तक यह कार्य हो जाये। दरअसल सीएम ने दो साल पहले 5 जून 2020 को यह डाटाबेस बनाये जाने की घोषणा की थी परन्तु कोविड महामारी के चलते इस पर धीमी गति से कार्य हुआ।
यह मिलेगी सुविधा :
अभी विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए नागरिकों से बार-बार जानकारी मांगनी पड़ती है। एकल नागरिक डाटाबेस बन जाने से नागरिकों को बार-बार जानकारी नहीं देनी होगी। शासन के पास उपलब्ध जानकारी का विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए उपयोग किया जा सकेगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 600 से 700 हितग्राहीमूलक योजनाएं संचालित होती हैं। इन योजनाओं का लाभ देने के लिए हितग्राहियों का अलग-अलग पंजीयन किया जाता है। इससे एक ओर शासकीय मशीनरी को बहुत समय खर्च करना पड़ता है वहीं नागरिकों को भी बार-बार जानकारी उपलब्ध करानी होती है। एकल नागरिक डाटाबेस बन जाने से शासकीय मशीनरी का समय बचेगा, वहीं नागरिकों के लिए नई व्यवस्था अधिक सुविधाजनक होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि एकल नागरिक डाटाबेस बन जाने से हितग्राहियों से बार-बार उनके दस्तावेज नहीं मांगने होंगे। जैसे एक बार किसी नागरिक का जाति प्रमाण पत्र जारी करने के बाद उसका रिकार्ड एकल डाटाबेस में रहेगा, इसलिये किसी दूसरी योजना का लाभ लेने के लिए उससे दोबारा जाति प्रमाण पत्र मांगने की आवश्यकता नहीं होगी।
एकल नागरिक डाटाबेस में नागरिक के नाम, पते आदि के अलावा उसकी शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि का विवरण, उगाई गई फसल, मूल निवासी प्रमाण पत्र, गरीबी रेखा प्रमाण पत्र आदि की जानकारी रहेगी। एकल डाटाबेस के निर्माण के लिए समग्र डाटा को बेहतर बनाया जाएगा तथा आधार के बायोमेट्रिक का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही विभिन्न प्रकार के डाटा का मिलान कर तथा नागरिक का बायोमेट्रिक्स सत्यापन कर एकल डाटाबेस का निर्माण किया जाएगा। इसे निरंतर अपडेट करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
इन राज्यों में लागू है यह व्यवस्था :
वर्तमान में राजस्थान, तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश राज्यों में नागरिक डाटाबेस बनाया गया है। राजस्थान में यह योजना भामाशाह के नाम से तथा आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना में प्रजा साधिकार नाम से संचालित है।
सिंगल सर्विस डिलीवरी पोर्टल भी बनेगा :
राज्य सरकार अप्रैल 2023 तक सिंगल सर्विस डिलीवरी पोर्टल भी लांच करने की तैयारी कर रही है। इसमें शासन की सभी योजनाओं का समावेश किया जायेगा तथा एक ही पोर्टल पर जाकर ये सेवायें ली जा सकेंगी। राज्य सरकार नवीन साईंस, टेक्नॉलॉजी एण्ड इनोवेशन नीति भी ला रही है तथा इसे शीघ्र केबिनेट में प्रस्तुत किया जायेगा। साथ ही आईटी पालिसी का भी नवीनीकरण किया जा रहा है। प्रदेश के मोबाईल नेटवर्क विहीन 1 हजार 635 गांवों में नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराने का काम भी किया जा रहा है। जबलपुर एवं उज्जैन की तरह भोपाल में भी साईंस सिटी बनाने की कार्यवाही जायेगी।
- डॉ.नवीन जोशी

मध्य प्रदेश में दिसम्बर तक बन जायेगा सिंगल सिटीजन डाटाबेस
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 828
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