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पेसा एक्ट में दिये अपने अधिकारों के बारे में जाने ग्रामीण : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 785

Bhopal: भोपाल 1 दिसम्बर 2022। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जल, जंगल और ज़मीन से जुड़े फ़ैसले अब भोपाल से नहीं गाँव की चौपाल से किए जाएँगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में पेसा एक्ट किसी गैर जनजातीय समाज के खिलाफ नहीं है। यह जनजातीय भाई-बहनों को और मजबूत करने के लिए है। प्रदेश के 89 जनजातीय बहुल विकासखण्डो में इसे लागू किया गया है। पेसा एक्ट जनजातीय भाई-बहनों को जल, जंगल, जमीन, श्रमिकों के अधिकारों का विशेष ध्यान एवं स्थानीय संस्थाओं, परंपराओं और संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन का अधिकार प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन और शासकीय कार्यों में किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद सेंधवा के सीईओ को ऐसी ही शिकायत के चलते निलंबित किया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज विकासखण्ड सेंधवा के ग्राम चाचरिया में पेसा एक्ट जागरूकता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज मैं भाषण देने नहीं, पेसा एक्ट पढ़ाने आया हूँ। जिन विकासखण्डों में पेसा एक्ट लागू किया गया है, वहाँ के लोगों को इसके प्रावधान और अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है। एक्ट के प्रावधानों को लागू करने के लिये ग्राम सभाओं का गठन होगा। सभी ग्राम सभाओं को अधिकार सम्पन्न बनाया जाएगा। ग्राम सभाएँ सामाजिक समरसता के साथ बने, यह हम सबके प्रयास होना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार भी बिना ग्राम सभा की मर्ज़ी के सीधे ज़मीन नहीं ले सकेगी। धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने और अपने नाम करवाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पेसा एक्ट के चलते अब कोई छल, कपट और बल पूर्वक किसी की जमीन हड़प नहीं सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो ग्राम सभा को हस्तक्षेप कर उसे वापस करवाने का भी अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में रेत, मिट्टी, पत्थर या कोई अन्य खदान का पट्टा बिना ग्राम सभा की अनुमति के सरकार नहीं दे सकेगी।

मैं देश में समान नागरिक संहिता का पक्षधर
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में एक समान नागरिक संहिता लागू करने के पक्ष में हूँ। प्रदेश में इसके लिये कमेटी बनाई जा रही है। भारत में अब समय आ गया है कि एक समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। एक से ज्यादा शादी क्यों करे कोई। एक देश में दो विधान क्यों चले, एक ही होना चाहिए। समान नागरिक संहिता में एक पत्नी रखने का अधिकार है, तो एक ही पत्नी होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार भी बिना ग्राम सभा की मर्ज़ी के सीधे ज़मीन नहीं ले सकेगी। धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने और अपने नाम करवाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पेसा एक्ट के चलते अब कोई छल, कपट और बल पूर्वक किसी की जमीन हड़प नहीं सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो ग्राम सभा को हस्तक्षेप कर उसे वापस करवाने का भी अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में रेत, मिट्टी, पत्थर या कोई अन्य खदान का पट्टा बिना ग्राम सभा की अनुमति के सरकार नहीं दे सकेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गौण वन संपदा जैसे अचार की गुठली, महुए का फूल, महुए की गुल्ली, हर्रा, बहेड़ा, बाँस, आंवला, तेन्दूपत्ता आदि को बेचने, बीनने और इनके मूल्य निर्धारण का अधिकार भी अब ग्राम सभा के पास होगा। ग्राम सभा इसके लिए अपना प्रस्ताव बना कर 15 दिसम्बर तक वन विभाग को भेज सकती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्राम सभा, अमृत सरोवर और तालाबों का प्रबंधन करेगी। तालाबों में सिंघाड़ा उगाने और मछली पालन और मत्स्याखेट की सहमति ग्राम सभा देगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पेसा एक्ट में श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि अब ग्राम के श्रमिक किसी अन्य राज्य या अन्य जिले में मजदूरी करने ठेकेदार या किसी भी व्यक्ति के माध्यम से जाते हैं तो उसकी जानकारी ग्राम सभा को देनी होगी। इससे बाहर मजदूरी करने गये मजदूर की जानकारी ग्राम सभा के पास होगी, जिससे हमारे किसी भाई को कोई दिक्कत हो तो ग्राम सभा उसकी मदद कर पाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक गाँव में शांति एवं विवाद निवारण समिति का गठन किया जायेगा। यह समिति स्थानीय छोटे-मोटे विवादों का गाँव में ही निपटारा करेगी, जिससे ग्रामीणों को अनावश्यक पुलिस थानों के चक्कर न लगाने पड़े। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँव के किस पात्र व्यक्ति को शासन की कौन सी योजना का लाभ मिलना चाहिए यह भी ग्राम सभा ही तय करेगी। स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, आँगनवाड़ी केन्द्र, आश्रम, छात्रावास आदि के व्यवस्थित संचालन के लिए मॉनिटरिंग का अधिकार भी ग्राम सभा को होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँव में नई दारू दुकान खुले या नहीं, इसका फैसला ग्राम सभा करेगी। यदि दारू की दुकान, अस्पताल, स्कूल, धार्मिक स्थल के पास है तो ग्राम सभा उसे बंद करने अथवा दूसरी जगह ले जाने की अनुशंसा कर सकेगी। ग्राम सभा किसी दिन को ड्राय-डे घोषित करने के लिये कलेक्टर को अनुशंसा कर सकेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोई निजी साहूकार, ब्याज देने वाला व्यक्ति लायसेंस लेकर और सरकार द्वारा तय ब्याज दर पर ही ग्रामीणों को ऋण दे सकेगा। अवैध रूप से दिये गये ऋण शून्य हो जायेंगे।

टंटया मामा के बलिदान स्थली पर एकत्र होंगी जागरूकता यात्राएँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गत 15 नवंबर को प्रदेश में पेसा एक्ट लागू हो चुका है। एक्ट के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करने प्रदेश में जागरूकता यात्राएँ निकाली जा रही हैं, जो 4 दिसम्बर को टंटया मामा के बलिदान दिवस पर इंदौर में एकत्र होंगी। यहाँ उनकी प्रतिमा का अनावरण और विशाल सम्मेलन भी होगा।

बारेली बोली में पुस्तक और गीतों की सीडी का विमोचन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पेसा एक्ट जागरूकता के लिये जिला प्रशासन द्वारा पेसा एक्ट के नियमों की बारेली बोली में अनुवादित किताब एवं बारेली बोली में गाये गए गीतों की सीडी का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति पर केन्द्रित लोक नृत्य एवं गीतों की प्रस्तुति दी गई। शुभारंभ कन्या-पूजन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा, खाज्या नायक, भीमा नायक, टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जनजातीय नायकों को नमन किया।

कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा एवं बड़वानी जिले के प्रभारी मंत्री हरदीप सिंह डंग, पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल, राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, लोकसभा सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अंतर सिंह आर्य सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनजातीय बंधु उपस्थित थे।


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