भोपाल 30 दिसंबर 2022। मप्र में पिछले दस सालों में आदिवासियों पर कुल 62 हजार 672 वन अपराध दर्ज हुये हैं। यही कारण है कि इस वर्ग को वनोपजों पर अधिकार देने के लिये पेसा नियम जारी किये गये हैं।
दरअसल राजभवन में बने जनजातीय प्रकोष्ठ ने पेसा नियमों की समीक्षा के दौरान वन विभाग से पिछले दस सालों में आदिवासियों पर वन अधिनियम 1927 तथा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत दर्ज अपराधों की जानकारी मांगी थी। जब यह जानकारी आई तो राज्यपाल मंगू भाई पटेल चौंक गये। वन बल प्रमुख द्वारा भेजे गये ये आंकड़े वर्ष 2012 से वर्ष 2021 तक के हैं। इन दस सालों में सामान्य वर्ग के व्यक्तियों द्वारा कुल 10 हजार 748, ओबीसी वर्ग के व्यक्तियों द्वारा 59 हजार 120, अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों द्वारा 20 हजार 711 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों द्वारा 62 हजार 672 वन अपराध किये गये है। इन दस सालों में सभी वर्गों द्वारा किये गये वन अपराधों की संख्या 1 लाख 53 हजार 251 है।
आदिवासियों पर वर्षवार दर्ज वन अपराध हैं : वर्ष 2012 में 8271, वर्ष 2013 में 8716, वर्ष 2014 में 7208, वर्ष 2015 में 6312, वर्ष 2016 में 5396, वर्ष 2017 में 3811, वर्ष 2018 में 5103, वर्ष 2019 में 6773, वर्ष 2020 में 7284 तथा वर्ष 2021 में 3796 वन अपराध।
- डॉ. नवीन जोशी

मप्र में पिछले दस सालों में आदिवासियों पर दर्ज हुये 62 हजार से ज्यादा वन अपराध
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1083
Related News
Latest News
- भारत में फिर शुरू होगा Su-30MKI फाइटर जेट का उत्पादन, HAL बनाएगा 12 नए विमान
- सीएम डॉ. मोहन पहुंचे सिचुएशन रूम, बाढ़ की जानकारी लेकर प्रभावित लोगों से किया सीधा संवाद
- उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर मिली ओजोन की असामान्य मोटी परत, वैज्ञानिकों ने खोजा कारण
- पदोन्नति के लिए पुलिस ने माना प्रदेश के मुखिया का आभार, सीएम डॉ. मोहन बोले- सरकार आपके लिए सबकुछ करेगी
- 'बोल कांवड़िया, बोल बम...' सीएम डॉ. मोहन ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल, बजाया डमरू
Latest Posts
















