2 जुलाई 2023। टीएनसीपी कमिश्नर मुकेश चन्द्र गुप्ता ने नई व्यवस्था करते हुये अपने जिला कार्यालयों को फरमान जारी कर कहा है कि ऐसी भूमि जो वन क्षेत्र/वृक्षारोपण क्षेत्र में स्थित हो या जिसकी ढलान 10 प्रतिशत से अधिक हो या जो किसी नाले से 9 मीटर के भीतर स्थित हो या नदी से 30 मीटर के भीतर स्थित हो या निवेश क्षेत्र के तालाबों से 15 मीटर के भीतर स्थित हो, पर विकास अनुज्ञा जारी नहीं करें।
आयुक्त ने जिला कार्यालयों से यह भी कहा है जबलपुर, देवास, पीथमपुर एवं मढ़ई निवेश क्षेत्र में कालोनी विकास हेतु आवेदित भूमि का न्यूनतम क्षेत्रफल के अंतर्गत आवेदित भूमि का क्लीयर एरिया 5 एकड़ से कम नहीं होना चाहिये। क्लीयर एरिया का अभिप्राय ऐसी भूमि से है जिस पर विकास अनुज्ञा दी जा सकती है। यदि क्षेत्र के चारों ओर पूर्व से विकसित क्षेत्र है तो ऐसे क्षेत्रों पर यह उपबंध लागू नहीं होगा। किसी पूर्व अनुमोदित कालोनी से लगी हुई भूमि का क्लीयर क्षेत्रफल न्यूनतम ढाई एकड़ होना चाहिये। उक्त न्यूनतम क्षेत्रफल की शर्त पूरी करने के लिये समस्त भूमि आवेदक के स्वामित्व की होना आवश्यक नहीं होगा। इसी प्रकार, उक्त नगरों में भण्डार भवन की अनुमति तभी दी जा सकेगी, अगर आवेदित भूमि का क्लीयर क्षेत्रफल कम से कम 2 एकड़ हो तथा उस तक पहुंचने के लिये न्यूनतम 12 मीटर चौड़ाई का मार्ग अथवा संबंधित विकास योजना में विहित न्यूनतम चौड़ाई का मार्ग उपलब्ध हो। अधिकतम निर्मित क्षेत्र 40 प्रतिशत तथा एफएआर 0.4 प्रतिशत होगा।

टीएनसीपी के जिला कार्यालय नदी से 30 मीटर एवं तालाबों से 15 मीटर के भीतर विकास अनुज्ञा नहीं देंगे
Place:
भोपाल 👤By: prativad Views: 797
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