30 अगस्त 2023। राज्य के वन मंत्री विजय शाह ने प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों को नेशनल पार्कों में एन्ट्री के लिये पचास प्रतिशत ही शुल्क लेने का तीन माह पूर्व निर्णय लिया था। वन विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया था कि सांसदों एवं विधायकों को साल में छह बार यह सुविधा दी जायेगी तथा उनके साथ अधिकतम 6 पारिवरिक सदस्य हो सकेंगे और हर बार सांसद एवं विधायक का स्वयं उपस्थित रहना जरुरी होगा।
लेकिन इस पर अब वित्त विभाग ने आपत्ति ले ली है। वित्त विभाग ने कहा है कि पचास प्रतिशत शुल्क की सुविधा देने से कितने राजस्व ही हानि होगी। अब वन्यप्राणी शाखा इस आपत्ति पर गणना करके बतायेगी कि सांसदों एवं विधायकों को रियायती एन्ट्री देने पर कितने राजस्व की हानि होगी और एक समय में कितने सांसद एवं विधायक नेशनल पार्क के अंदर जा सकेंगे क्योंकि हर पार्क में पर्यटकों के
भ्रमण का कोटा तय है।
दरअसल पर्यटन निगम ने सांसदों एवं विधायकों को अपनी होटलों के लिये रियायती दरों वाले गोल्डन पास जारी किये हुये हैं। इसी की तर्ज पर वन मंत्री भी सांसदों एवं विधायकों के लिये यह सुविधा चाह रहे हैं।
- डॉ. नवीन जोशी

सांसदों एवं विधायकों को नेशनल पार्कों में आधा शुल्क देने का प्रस्ताव पर वित्त विभाग की लगी आपत्ति
Place:
भोपाल 👤By: prativad Views: 732
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