14 सितंबर 2023। राज्य सरकार ने तेरह साल बाद उस आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें मानसेवी चिकित्सकों की सेवायें लेने के लिये कहा गया था। यह आदेश 9 फरवरी 2010 को जारी किया गया था। यह आदेश उस समय चिकित्सकीय अमले की कमी को दृष्टिगत रखते हुये सेवानिवृत्त चिकित्सकों की सेवायें मानसेवी आधार पर लेने के लिये जारी किया गया था।
अब इस आदेश को निरस्त करने के लिये निकाले गये ताजा आदेश में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासकीय चिकित्सालयों में चिकित्सकीय अमले की कमी के निराकरण हेतु विभिन्न कदम उठाये गये हैं जिनमें शामिल हैं : एक, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीधी भर्ती। दो, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत निरन्तर वॉक इन द्वारा चिकित्सकों की भर्ती। तीन, सेवारत चिकित्सकों का स्नातेकोत्तर अध्ययन हेतु विभागीय नामांकन एवं अधिभार अंकों की प्रदायगी। पांच, सेवारत चिकित्सकों का आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा संचालित पीजी डिप्लोमा एवं सीपीएसपीजी डिप्लोमा के प्रत्यायित सीटों के लिये स्पांसरशिप। छह, डिस्ट्रिक्ट रेसीडेंसी कार्यक्रम अंतर्गत विशिष्ट विधाओं के विशेषज्ञों की जिला अस्पतालों में त्रैमासिक पदस्थी।
ताजा आदेश के अंत में लिखा गया है कि शासकीय कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की व्यवस्था में पारदर्शिता हेतु मानसेवी चिकित्सकों की सेवायें लेने हेतु राज्य शासन के 9 फरवरी 2010 को जारी आदेश को निरस्त किया जाता है।

मानसेवी चिकित्सकों की सेवायें लेने का आदेश तेरह साल बाद निरस्त
Place:
भोपाल 👤By: prativad Views: 840
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