30 सितंबर 2023। भिंड जिले के गोरमी में एक ऐसा मेला लगता है, जो सिर्फ महिलाओं के लिए है। इस मेले में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यह मेला पांच दिनों तक चलता है, लेकिन इनमें से दो दिन सिर्फ महिलाओं के लिए होते हैं। इन दो दिनों में पुरुषों को मेले में आने की अनुमति नहीं होती है।
यह मेला 182 साल से लगातार आयोजित हो रहा है। इस मेले की शुरुआत गोरमी में स्थित बड़ी जग्गा कालिया मर्दन (श्रीकृष्ण) भगवान के मंदिर में हुई थी। मेले के आयोजकों का कहना है कि यह व्यवस्था महिलाओं की सुरक्षा के लिए की गई है। इससे शरारती लोगों को महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने से रोका जा सकता है।
मेले के दौरान महिलाएं बिना किसी हिचक के खरीदारी कर सकती हैं। वे अपने पसंद के कपड़े, आभूषण, घरेलू सामान और अन्य वस्तुओं को खरीद सकती हैं। मेले में महिलाओं के लिए कई तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
गोरमी तहसील का जलविहार मेला ग्वालियर-चंबल संभाग का एकमात्र ऐसा मेला है, जहां एक दिन पूरी व्यवस्थाएं महिलाएं ही संभालती हैं। इस दिन मेले में महिलाएं घूंघट की ओट से पूरी तरह आजाद नजर आती हैं।
कोविड-19 महामारी के कारण पिछले दो साल से मेले का आयोजन नहीं हो पाया था। इस बार मेले का आयोजन 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक किया जा रहा है।
यह मेला महिलाओं के लिए एक अनूठी और विशेष अवसर है। यह उन्हें एक बार फिर अपनी स्वतंत्रता का अनुभव करने का मौका देता है।

भिंड में महिलाओं के लिए विशेष मेला, दो दिन पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित
Place:
भोपाल 👤By: prativad Views: 908
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