25 अक्टूबर 2023। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों के एलान के बाद झाबुआ के कड़कनाथ सहित अन्य देशी मुर्गों की मांग में उछाल आ गया है। चुनावी प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित सभाओं और भोज में इन मुर्गों का उपयोग किया जाता है। इससे इनकी मांग और कीमत में इजाफा हुआ है।
चुनाव घोषणा के पहले तक 900 रुपये में बिकने वाला कड़कनाथ मुर्गा अब 1100 रुपये में बिक रहा है। देशी कड़कनाथ मुर्गा की कीमत तो 1500 से 1600 रुपये तक पहुंच गई है।
चुनावों के लिए की गई है एडवांस बुकिंग
कई उम्मीदवारों ने चुनावों के लिए कड़कनाथ मुर्गों की एडवांस बुकिंग भी कराई है। चुनाव प्रचार के दौरान होने वाली सभाओं और भोज के लिए इन मुर्गों की मांग अधिक रहती है।
ग्रामीण मतदाताओं को साधने के लिए किया जाता है उपयोग
मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में चुनावों में राजनीतिक दलों द्वारा ग्रामीण मतदाताओं को साधने के लिए बकरों और मुर्गों का उपयोग किया जाता है। ग्रामीण मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवार फलियों में बैठकें आयोजित करते हैं, जिसमें भोजन भी परोसा जाता है। इस भोजन में बकरों और मुर्गों का उपयोग किया जाता है।
असंतुष्टों को भी साधने के लिए खर्च होगा पैसा
चुनावों में असंतुष्टों को भी साधने के लिए राजनीतिक दलों को पैसा खर्च करना पड़ता है। असंतुष्टों को अपने पक्ष में करने के लिए उन्हें पद, पैसा या अन्य सुविधाएं दी जाती हैं।
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों के चलते कड़कनाथ मुर्गों की मांग में उछाल आया है। इससे इन मुर्गों के किसानों को लाभ होगा, लेकिन राजनीतिक दलों को इन मुर्गों पर अधिक खर्च करना पड़ेगा।

चुनाव के चलते कड़कनाथ की बढ़ती मांग, नेताओं ने की एडवांस बुकिंग
Place:
भोपाल 👤By: prativad Views: 1090
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